भगत सिंह व लता मंगेशकर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, छात्रों को दी महत्वपूर्ण जानकारियां
डीजे न्यूज, हुसैनाबाद(पलामू) : राजकीयकृत मध्य विद्यालय हुसैनाबाद के परिसर में सोमवार को बाल संसद के नेतृत्व में नियमित प्रार्थना, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान एवं संविधान की प्रस्तावना के पाठ के बाद जेसीईआरटी द्वारा प्रेषित न्यूज एवं क्विज कंटेंट का वाचन किया गया। बहुमुखी प्रतिभा की धनी एवं विद्वत भाषायी शिक्षिका सुषमा पांडेय ने अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय खबरों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण दिवसों और महान विभूतियों से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों को दी।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी सरदार भगत सिंह की 119वीं जयंती एवं पार्श्व गायिका, स्वर साम्राज्ञी और भारत रत्न लता मंगेशकर की 97वीं जयंती पर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। सुषमा पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महज 23 वर्ष की उम्र में अपनी कृतियों से स्मरणीय गाथा लिखने वाले सरदार भगत सिंह ने हंसते-हंसते फांसी को गले लगाया। उनके सीने में लाला लाजपत राय की नृशंस हत्या का आक्रोश धधक रहा था। मौत का बदला लेने के लिए उन्होंने राजगुरु के सहयोग से ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स को गोली मारकर हत्या कर दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1929 में भगत सिंह ने बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर नेशनल असेंबली में बम फेंका और कहा कि केवल बहरों को सुनाने के लिए धमाका किया है। इसके बाद वे भागे नहीं, बल्कि गिरफ्तारी दी। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव को लाहौर जेल में फांसी दी गई। उनके चित्र पर विद्यालय परिवार एवं बाल संसद के सदस्यों ने पुष्प अर्पित कर उनकी जीवनी को आत्मसात करने की प्रतिबद्धता जताई।
लता मंगेशकर की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए सुषमा पांडेय ने कहा कि भारत की सबसे अधिक लोकप्रिय गायिकाओं में शामिल लता मंगेशकर की आवाज में जादुई सा आकर्षण था। उन्हें पद्म विभूषण, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार एवं फ्रांस के सर्वोच्च पुरस्कार लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। उन्होंने विश्व रेबीज दिवस पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन प्रसिद्ध फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुई पाश्चर की पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य रेबीज से होने वाले खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करना और रोकथाम के उपायों की जानकारी देना है।कार्यक्रम में हर माह के अंतिम रविवार को रेडियो एवं दूरदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घोषित 138वीं ‘मन की बात’ की भी चर्चा की गई। सुषमा पांडेय ने कहा कि इस प्रसारण में उनके वक्तव्य का मुख्य केंद्रबिंदु सर्जिकल स्ट्राइक, डिजिटल जनगणना और वोकल फॉर लोकल था। प्रत्येक वर्ष सितंबर माह में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र संघ विश्व की लघु संसद है और इसके 193 देश सदस्य हैं। इसके अलावा 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक जापान के आइची प्रांत में आयोजित एशियन गेम्स और उसमें भारत के प्रदर्शन पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर विद्यालय के एचएम कन्हैया प्रसाद, वरीय सहायक अध्यापक राजेश कुमार सिंहा, शिक्षिकाओं में सुषमा पांडेय, आशा कुमारी एवं पूनम कुमारी उपस्थित थीं।