सीएम एसओई की तर्ज पर विकसित होंगे 464 स्कूल :  उपायुक्त दुगना लक्ष्य तय कर बीस हजार साइकिलों का किया वितरण बोर्ड परीक्षा में पूरे राज्य के शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहा धनबाद 59 जर्जर विद्यालयों का युद्ध स्तर पर जीर्णोद्धार जारी

सीएम एसओई की तर्ज पर विकसित होंगे 464 स्कूल :  उपायुक्त

दुगना लक्ष्य तय कर बीस हजार साइकिलों का किया वितरण

बोर्ड परीक्षा में पूरे राज्य के शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहा धनबाद

59 जर्जर विद्यालयों का युद्ध स्तर पर जीर्णोद्धार जारी

डीजे न्यूज, धनबाद: विगत एक वर्ष में जिला प्रशासन द्वारा स्कूली शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व सुधारों, क्रांतिकारी बदलावों और ढांचागत परिवर्तनों को लेकर शनिवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  आदित्य रंजन ने पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। समाहरणालय सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उपायुक्त ने जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने आंकड़ों और धरातलीय उपलब्धियों के जरिए यह रेखांकित किया कि कैसे पिछले एक वर्ष में सरकारी स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक की तस्वीर बदली गई है।

उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जिला स्तरीय टीम द्वारा विद्यालय में किए गए विभिन्न नवाचारों एवं प्रयासों के आधार पर नो कॉस्ट, लो कॉस्ट पर आधारित 200 अंकों का मूल्यांकन किया गया। इसमें जिन विद्यालयों ने 180 या उससे अधिक अंक प्राप्त किया उनका हाई कास्ट में मूल्यांकन कर विद्यालयों को आवश्यकता के अनुसार सिविल कार्यों से लेकर विभिन्न आपूर्ति सामग्री तक उपलब्ध कराई गई। जबकि जिन विद्यालयों को मानकों के अनुसार अंक नहीं मिले उन्हें आवश्यक सुझाव देकर सुधारात्मक प्रयास के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रयोग से विद्यालय के प्रति बच्चों एवं शिक्षकों के आत्मीय लगाव, छात्रों की उपस्थिति, हाउस एवं बाल संसद के प्रतिनिधियों की सक्रियता तथा उनके बीच सामूहिक सकारात्मक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि हुई।

उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में धनबाद जिले को अव्वल बनाने के लिए जिले के 464 स्कूल को सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अंतर्गत स्कूल में अतिरिक्त क्लास रूम, गर्ल्स-बॉयज के लिए अलग-अलग शौचालय, बाउंड्री वॉल, स्पोर्ट्स ग्राउंड, पार्किंग, भोजनालय, डायनिंग एरिया, मल्टीपरपज हॉल, बेंच-डेस्क, वाटर कूलर, हेल्थ किट, स्पोर्ट्स किट सहित उच्च गुणवत्ता की व्यवस्था बच्चों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए बोर्ड परीक्षा से पहले दो बार प्री बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया गया। तत्पश्चात प्री-बोर्ड परीक्षा में परचम लहराने वाले सभी होनहारों को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया। इस पहल का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि बोर्ड परीक्षा में धनबाद जिला पूरे राज्य के शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहा तथा जिले के अनेक विद्यार्थियों ने राज्य स्तर पर भी उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया। साथ में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 21 विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को ब्लेजर, प्रमाण पत्र, मोमेंटो और इंपैक्ट किट देकर सम्मानित किया गया।

प्रोजेक्ट इम्पैक्ट सह-प्रयास कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इससे विद्यालयों में बच्चों के लिए खुशहाल एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण हुआ। इसमें शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के नैतिक मूल्यों के विकास एवं चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया गया। साथ में विद्यालय की आधारभूत संरचना एवं स्वच्छता में बदलाव आया। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में बढ़ोत्तरी हुई। साथ ही शिक्षा विभाग के 136 बीआरपी, सीआरपी कर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सभी 138 उच्च विद्यालयों के 268 शिक्षकों का प्रशिक्षण कराया गया। गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत 196 प्राथमिक विद्यालयों के कुल 268 शिक्षकों एवं 78 मध्य विद्यालयों के 156 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। तोपचांची प्रखंड अंतर्गत सभी 91 प्राथमिक विद्यालयों के 174 शिक्षकों तथा 47 मध्य विद्यालयों के 94 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। धनबाद सदर प्रखंड के सभी 96 प्राथमिक विद्यालयों के 186 शिक्षकों तथा 56 मध्य विद्यालयों के कुल 112 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।

उपायुक्त ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए नेताजी आवासीय विद्यालय के 130 छात्रों को बेहतर सुविधाओं के साथ नए कैंपस में शिफ्ट किया गया। नए कैंपस में नेताजी भवन का निर्माण जारी है तथा इसमें शिक्षक सहित आठ लोगों की नियुक्ति की गई है।

उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों की विद्यालय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20000 साइकिल का वितरण किया गया। जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10470 व उससे पहले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 9989 साइकिल का वितरण हुआ था।

उपायुक्त ने कहा कि समय की मांग को देखते हुए जिले में 10 स्मार्ट डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का लक्ष्य है। इसमें चार को स्वीकृति प्रदान की गई है तथा कार्य जारी है। शेष 5 लाइब्रेरी की स्वीकृति के लिए प्रक्रियाधीन है। बताया कि आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर, बीबीएम इंटर कॉलेज बलियापुर, सिंदरी कॉलेज सिंदरी एवं पांडरपाला वासेपुर में स्मार्ट डिजिटल लाइब्रेरी की स्वकृति प्रदान की गई है। जबकि कतरासगढ़ डीएमसी भवन, टुंडी डिग्री कॉलेज, चिरकुंडा नगर परिषद, तोपचांची ब्लॉक में गोमो के तहत विवाह मंडप एसएचएमएस चिरकुंडा में स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।

उन्होंने बताया कि छात्रों के कौशल विकास के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के साथ एमओयू कर डिजिटल साक्षरता का निशुल्क पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा आरएस मोर कॉलेज में मल्टी स्किल सेंटर, बीबीएमकेयू कैंपस में स्किल सेंटर पार्क, बेलगड़िया में मेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर, आवासीय मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर विकसित किया जा रहा है। जहां प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट की गारटी है।

उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण संस्थाओं को जिला प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराई है। इसका विस्तृत ब्यौरा देते हुए उपायुक्त ने कहा कि पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज के सेकंड केंपस के लिए 12 एकड़, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी को 2.5 एकड़, स्कूल आफ बिजनेस एंड मास कम्युनिकेशन के लिए 6.73 एकड़, तोपचांची के पांडेयडीह में महाविद्यालय की स्थापना के लिए 8.98 एकड़, आरएसपी कॉलेज झरिया के निर्माण के लिए 8.5 एकड़ सहित अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के विकास के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए हरि झंडी दी गई है।

इसके अलावा शैक्षणिक संस्थाओं की बेशकीमती सरकारी जमीन के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाकर उसे सुरक्षित कर लिया है।

उपायुक्त ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसी उद्देश्य के साथ, क्षेत्र के 59 जर्जर विद्यालयों को चिन्हित कर उनके जीर्णोद्धार का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। अनुपयुक्त और असुरक्षित घोषित हो चुके भवनों को आधुनिक और सुदृढ़ रूप दिया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी बिना किसी डर के एक सुरक्षित वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सके। इनमें से कुल 8 भवन शिफ्ट हो चुके हैं। यह कदम न केवल दुर्घटनाओं की आशंका को खत्म करेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी शिक्षा के स्तर को भी मजबूत करेगा।

उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण, गरीब और पिछड़े वर्ग के युवाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से टुंडी स्थित अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास को कल्याण गुरुकुल में परिवर्तित किया गया है। यहां युवाओं को पूरी तरह से निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है। 45 दिन के प्रशिक्षण के बाद उन्हें प्लेसमेंट उपलब्ध कराया जाता है।

पत्रकार वार्ता के समापन पर उपायुक्त ने जिला प्रशासन की भविष्य की योजनाओं का संकेत देते हुए कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार की यह प्रक्रिया केवल यहीं नहीं रुकेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और छात्रों को मिलने वाले बेहतर संसाधनों के बल पर धनबाद जल्द ही अपनी अलग पहचान बनाएगा और शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड का सर्वश्रेष्ठ जिला बनकर उभरेगा।

पत्रकार वार्ता में उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सन्नी राज के अलावा शिक्षा विभाग, डीएमएफटी के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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