दो साल से खतरनाक बनी योगीटांड़ की सड़क, गोफ भरने को कोयला मंत्रालय से गुहार
डीजे न्यूज, गिरिडीह : गिरिडीह–डुमरी मुख्य मार्ग (NH-114A) पर योगीटांड़ स्थित गिरिडीह स्टेडियम के समीप सड़क की बदहाल स्थिति अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पिछले करीब दो वर्षों से सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त और अत्यंत संकरा होने के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। जनसुरक्षा को देखते हुए सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने कोयला मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजकर सड़क के नीचे मौजूद भूमिगत गोफ को तत्काल भराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पथ प्रमंडल, धनबाद के कार्यपालक अभियंता के अनुसार यह इलाका सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के खनन क्षेत्र से प्रभावित है। सड़क के नीचे मौजूद गोफ की भराई CCL द्वारा किए जाने के बाद ही सड़क की स्थायी मरम्मत संभव होगी।
सड़क का बड़ा हिस्सा प्रभावित होने से वाहनों के आवागमन के लिए जगह काफी कम हो गई है। इस मार्ग पर प्रतिदिन यात्री बसों, भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों का आवागमन होता है। बरसात के मौसम में सड़क के और धंसने की आशंका के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है।
सुनील खंडेलवाल ने कोयला मंत्रालय से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्थल का तत्काल संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण कराने की मांग की है। साथ ही भूमिगत गोफ की गहराई एवं विस्तार का वैज्ञानिक आकलन कर सुरक्षित तकनीकी मानकों के अनुरूप उसकी अविलंब भराई कराने का आग्रह किया गया है। इसके बाद सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग भी की गई है।
उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक दुर्घटना रोकने के लिए सड़क किनारे सुरक्षा बैरियर, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
खंडेलवाल ने कोयला मंत्रालय से सात दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण एवं गोफ भराई की प्रक्रिया शुरू कराने तथा निर्धारित समय-सीमा में सड़क की स्थायी मरम्मत सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। शिकायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए कोयला मंत्रालय की उप महानिदेशक चेतना शुक्ला के पास भी भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को समय रहते कदम उठाना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय से बनी इस समस्या का तत्काल समाधान जनसुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।