राजकीय श्रावणी मेला : अपनों से बिछड़ों का सहारा बना सूचना सह सहायता केंद्र, डेढ़ साल के मासूम समेत दो बच्चों को सुरक्षित परिजनों से मिलाया
बोलने में असमर्थ एक साल छह माह के मासूम को खिजुरिया सूचना केंद्र में गहन जांच के बाद परिजनों को सौंपा गया
बाबा मंदिर सूचना केंद्र के प्रयास से पिता सुनील कुमार के चेहरे पर लौटी मुस्कान, वर्षा कुमारी भी परिजनों से मिली
जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता के प्रति श्रद्धालुओं ने जताया आभार
डीजे न्यूज, देवघर :
राजकीय श्रावणी मेला के अवसर पर देवघर जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसी कड़ी में मेला क्षेत्र में स्थापित सूचना सह सहायता केंद्र भूलने-भटकने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रहे हैं। यह केंद्र लगातार खोए हुए श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिजनों से मिलाने और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने में जुटे हैं। इसी मानवीय पहल के तहत आज मेला क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से सकुशल मिलाया गया।
पहला मामला : खिजुरिया सूचना केंद्र ने 1.5 साल के मासूम को मिलायामेला क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया, जहां महज डेढ़ (1.5) साल का एक छोटा बच्चा अपने परिवार से बिछड़ कर खो गया। बच्चा इतना छोटा था कि वह बोलने में असमर्थ था और अपने घर या परिजनों के बारे में कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं था। बच्चे को सुरक्षित खिजुरिया सूचना सह सहायता केंद्र लाया गया। इसके बाद प्रशासन द्वारा मुस्तैदी से बच्चे के माता-पिता की तलाश शुरू की गई। परिजनों के केंद्र पर पहुंचने के बाद, प्रशासन द्वारा काफी गहन जांच-पड़ताल और पूरी तरह से पुष्टि करने के बाद ही बच्चे को उसके वास्तविक परिजनों को सौंपा गया। अपने कलेजे के टुकड़े को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें खुशी से छलक आईं।
दूसरा मामला : वर्षा कुमारी भी बाबा मंदिर सूचना केंद्र से परिजनों को सौंपी गईइसके साथ ही, बाबा मंदिर सूचना सह सहायता केंद्र की सजगता से एक अन्य बच्ची वर्षा कुमारी को भी उसके परिजनों से सुरक्षित मिला दिया गया। वर्षा कुमारी भीड़ में अपने परिवार से बिछड़ गई थी। सूचना केंद्र के कर्मियों ने त्वरित प्रयास कर उसे खोज निकाला और बाबा मंदिर सूचना केंद्र परिसर में वर्षा कुमारी को उसके पिता सुनील कुमार को सौंप दिया।परिजनों ने जताया जिला प्रशासन का आभारअपने बच्चों को सुरक्षित वापस पाकर दोनों ही परिवारों के सदस्यों के चेहरे पर खुशी लौट आई। संकट की इस घड़ी में त्वरित और संवेदनशील सहायता प्रदान करने के लिए परिजनों ने देवघर जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की मुस्तैदी और बेहतर व्यवस्था के कारण ही आज उनके बच्चे सकुशल उन्हें मिल सके हैं।