पद छोटा-बड़ा नहीं भाव बड़ा होता है विक्रम तुरी ने स्टेयरिंग से द्वारपाल तक हर दायित्व को दिया सम्मान, प्रधानाचार्य ने की सराहना
गिरिडीह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में चालक विक्रम तुरी का स्नेह मिलन सह विदाई समारोह सम्पन्न
डीजे न्यूज गिरिडीह : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में बुधवार को विद्यालय के समर्पित कर्मचारी विक्रम तुरी के सम्मान में स्नेह मिलन सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
तुरी ने विद्यालय में 01/02/2002 से 29/09/2026 तक पूरे 24 वर्षों तक अनवरत सेवा दी। इस दीर्घ सेवाकाल में उन्होंने चालक और सह-चालक दोनों की भूमिका का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। विद्यालय के नौनिहालों को सुरक्षित घर से विद्यालय और विद्यालय से घर तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता रही।
उल्लेखनीय है कि सेवा काल के दौरान पैर टूट जाने के कारण जब वे वाहन चलाने में असमर्थ हो गए, तब भी उन्होंने हार नहीं मानी। उस अवधि में उन्होंने विद्यालय में द्वारपाल के रूप में पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्व का निर्वहन किया। उनकी यह कर्तव्यनिष्ठा पूरे विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणास्रोत बनी।
इस अवसर पर उन्हें अंग वस्त्र, घड़ी, चाँदी की अंगूठी, चैन, पंखा, अटैची तथा अर्जित अवकाश एवं ग्रेच्युटी की राशि चेक के द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया। मौके पर प्रधानाचार्य आनंद कमल ने अपने उद्बोधन में कहा कि विक्रम ने सिद्ध किया कि पद छोटा-बड़ा नहीं, भाव बड़ा होता है। चाहे स्टेयरिंग संभालना हो या विद्यालय का द्वार -उन्होंने हर दायित्व को समान सम्मान दिया। यही हमारे विद्या मंदिर की संस्कृति है कार्यक्रम में सभी आचार्य बंधु, दीदी जी एवं समस्त कर्मचारी गण उपस्थित रहे।