मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के लिए गिरिडीह में कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन
चुनाव आयोग के प्रमुख की तरह नहीं बल्कि भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे ज्ञानेश कुमार : सतीश केडिया
डीजे न्यूज, गिरिडीह : गिरिडीह जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची में किए गए बदलावों तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के द्वारा भाजपा के एजेंट की तरह व्यवहार किए जाने और भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम को को संविधान विरोधी तरीकों से काटे जाने का आरोप लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस समर्थक शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए उपायुक्त के कार्यालय के समक्ष पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान हजारों की संख्या में महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो, वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सतीश केडिया ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया, मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों तथा निर्वाचन आयोग की संस्थागत कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए। कहा कि निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले दस महीनों के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संबंधित निर्णयों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज किए जाने का समाचार अखबारों में प्रकाशित हुआ। इन आपत्तियों के कारण निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया एवं संस्थागत कार्यप्रणाली को लेकर प्रश्न उठे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)के अंतर्गत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने एवं संशोधन की प्रक्रिया नागरिकों के मताधिकार से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। अतः इसकी प्रक्रिया की स्वतंत्र, पारदर्शी एवं व्यापक समीक्षा आवश्यक है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम अनुचित रूप से प्रभावित न हो। निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली को दिल्ली में केंद्रीकृत किए जाने तथा इस प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयुक्तों के समक्ष उठाए गए प्रश्नों का उल्लेख है। अतः निर्वाचन संबंधी IT प्रणाली, डेटा प्रबंधन एवं उसके केंद्रीकरण की स्वतंत्र तकनीकी एवं संस्थागत समीक्षा कराया जाना आवश्यक है। मतदाता सूची में किए गए सभी महत्वपूर्ण बदलावों की व्यापक एवं स्वतंत्र समीक्षा की जानी चाहिए तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधित करने की प्रत्येक कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया, सत्यापन एवं नागरिकों को उचित अवसर प्रदान करने के बाद ही की गई हो।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली चुनाव आयोग के प्रमुख की तरह नहीं बल्कि भाजपा के एजेंट की तरह प्रतीत होती है। राष्ट्रपति से तत्काल ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाए जाने, गिरफ्तारी तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों एवं मतदाता सूची में किए गए बदलावों की व्यापक एवं स्वतंत्र समीक्षा की मांग करता हूं। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने वालों में मुख्य रूप से अशोक विश्वकर्मा, मोहम्मद अली खान, निजाम अंसारी, मोहम्मद सोहेल अहमद, रजा नूरी, मोतीलाल शास्त्री, अकबर अंसारी, मोहम्मद इम्तियाज, रणधीर चौधरी, निरंजन तिवारी, मनोज राय, इतवारी वर्मा व नागेश्वर मंडल शामिल थे। इस मौके पर मुख्य रूप से मोहम्मद शमी, विमल सिंह, पारस मित्र, दिवाकर सिंह, शिव कुमार राय, रामाशीष तिवारी, सहदेव पासवान, परमेश्वर यादव, पप्पू पांडेय, राहुल सिंह, प्रकाश मंडल, कपिल देव राय, अनिल चौधरी, वरुण सिंह, निशाब अहमद, बिलाल अहमद हुसैनी, शाहनवाज आलम, सुलेमान अख्तर, दुर्गा शर्मा, नदीम अख्तर, प्रवीण हेंब्रम, रोशिनता हेंब्रम, शाहिद समेत बड़ी संख्या में महिलाएं एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति के नाम से एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया।