केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री ने किया बेलगड़िया टाउनशिप का दौरा
केंद्रीय मंत्री बोले-जनता के सहयोग से ही भू धंसान और विस्थापन का निपटारा संभव
मंत्री ने पांच लोगों में बांटे ई रिक्शा की चाभी, आजीविका-रोजगार सृजन परियोजना का किया शिलान्यास
डीजे न्यूज, बलियापुर(धनबाद): केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने बुधवार को बेलगड़िया टाउनशिप का दौरा किया। मंत्री ने बीसीसीएल द्वारा झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत आजीविका एवं रोजगार सृजन परियोजना का शिलान्यास किया।
ई रिक्शा का वितरण
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने पांच लोगों को स्वरोजगार हेतु ई रिक्शा की चाभी सौंपी। उन्होंने मशरूम स्टॉल ,अचार एवं बांस से बने हस्तशिल्प वस्तुओं का अवलोकन किया।
भू धंसान और विस्थापन सबसे बड़ी समस्या
मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कोयला राज्य मंत्री ने कहा कि बेलगड़िया टाउनशिप झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत आता है, जो केंद्र सरकार के नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि झरिया में सबसे बड़ी समस्या भूधंसान एवं विस्थापन है। लोग पैसे की कमी एवं अन्य समस्याओं का हल कर सकते हैं, लेकिन भूधंसान से जान जाने पर उसकी भरपाई मुश्किल है। कहा की जनता के सहयोग से ही इन समस्याओं से निपटा जा सकता है।
शिक्षा पर जोर
मंत्री ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि बेटा हो या बेटी, उन्हें शिक्षित करना जरूरी है। बेटा- बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि आज हमारी बेटियां ई रिक्शा से लेकर हवाई जहाज चलाने में समर्थ है। ऑपरेशन सिंदूर में हमारी बेटियां पाकिस्तान को घुटने टेकने को विवश कर दिया।
कहा कि जहां सरस्वती का वास होता है लक्ष्मी अपने आप आ जाती है। इसलिए बच्चों को शिक्षित बनाएं।
कुटीर उद्योग पर जोर
केंद्रीय मंत्री सतीश ने कहा कि कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगार सृजन हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त कर लोग कुटीर उद्योग शुरू कर बड़े आशियाना बनाने में समर्थ होते हैं । कोयला राज मंत्री ने कहा कि झरिया मास्टर प्लान को भारत सरकार के साथ-साथ जिला प्रशासन एवं बीसीसीएल सीएमडी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। लोगों को मिलजुल कर इसे आगे बढ़ाने की जरूरत है।
ये थे मौजूद
मौके पर झरिया विधायक रागिनी सिंह, बीसीसीएल सीएमडी मनोज अग्रवाल, निदेशकों में संजय सिंह व मुरली कृष्ण रमैया, ऋतुराज मिश्रा, अखिलेश पांडे, बीके ठाकुर, हृदेश द्विवेदी, नारायण ओझा, राजीव सिंह, राजीव लहरी, राजीव रंजन, राजीव चौधरी आदि थे।