हर मरीजों को मिले बेहतर इलाज : उपायुक्त रामनिवास यादव
डीजे न्यूज, गिरिडीह : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुख बनाने को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण, अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी नियंत्रण समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने PM ABHIM एवं 15वें वित्त आयोग के तहत निर्माणाधीन CHC, HSC एवं अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। कार्यपालक अभियंताओं को नियमित स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की निगरानी करने तथा अनावश्यक विलंब की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने को कहा गया।
अस्पतालों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति का निर्देश
उपायुक्त ने जिले के सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार, जांच और दवाओं की सुविधा मिलनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
टीकाकरण से कोई बच्चा नहीं रहे वंचित
नियमित टीकाकरण की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। माइक्रो प्लान के अनुसार टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने के साथ बच्चों के नियमित वजन एवं स्वास्थ्य जांच पर भी ध्यान देने को कहा गया।
ANC रजिस्ट्रेशन एवं संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए उन्होंने गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
टीबी उन्मूलन अभियान में तेजी लाने को कहा
बैठक में नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम, टीबी मुक्त पंचायत, निश्चय मित्र, ई-संजीवनी एवं एनीमिया मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और फॉलोअप को मजबूत करने के साथ निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने सभी स्वास्थ्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।