ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धनबाद में प्रदर्शन 7 अक्टूबर को
डीजे न्यूज, धनबाद: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर धनबाद में इंडिया गठबंधन ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। शनिवार को धनबाद सर्किट हाउस में गठबंधन के घटक दलों के प्रमुख नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की बैठक कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन भाकपा माले नेता दिलीप राम ने किया।
बैठक में एसआइआर के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों, मताधिकार की सुरक्षा तथा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। गठबंधन के नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 7 अक्टूबर को धनबाद में जोरदार विरोध-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे विरोध मार्च निकलेगा। मार्च गांधी सेवा सदन से निकलेगी जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इसके बाद मार्च डीआरएम चौक पहुंचेगा, जहां बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को माल्यार्पण करने के बाद सभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया जाएगा।
बैठक में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआइआर के नाम पर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जाने से मतदाताओं के अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटना लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है।
गठबंधन नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि ‘वोट की चोरी’ के आरोपों और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों का जवाब निर्वाचन आयोग को देना चाहिए। नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की राजनीतिक पक्षधरता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय होगी।
बैठक में नेताओं ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद है और प्रत्येक नागरिक का वोट उसकी आवाज है। इसलिए मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। नेताओं ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर 7 अक्टूबर का प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से जनआवाज बुलंद करने का माध्यम होगा।
संतोष कुमार सिंह ने कहा कि मतदाता सूची से किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेगा तथा 7 अक्टूबर के कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जाएगा।
गठबंधन ने धनबाद की जनता, युवाओं, महिलाओं, छात्रों, सामाजिक संगठनों तथा लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों से विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। बैठक के अंत में सभी घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का आह्वान किया गया।
बैठक में संतोष कुमार सिंह,, राजद जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप यादव, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रर्जेद्र प्रसाद सिंह, राजद महानगर अध्यक्ष मुमताज कुरैशी, सीपीआई(एमएल) सचिव बिंदा पासवान, एसयूसीआई के अनिल बाउरी, दिलीप राम, सम्राट चौधरी, हातीम अंसारी, सुभाष चटर्जी, रामकृष्ण पासवान, एम.एम. खान, नागेंद्र राय, अशोक लाल, मनोज यादव, मनोज अख्तर, डॉ. महमूद आलम, योगेंद्र सिंह योगी, क्यूम खान, विजय कुमार पासवान, नवीन पासवान, राजेश कुमार, संदीप कौशल, यूनूस अंसारी, मसूद आलम, जेपी यादव, अफजल खान, सैयद राजा सिद्दीकी, विशाल कुमार, मो. फिरोज राजा कुरैशी, मो. असलम अंसारी, रणजीत यादव, देवेंद्र यादव, रितेश मिश्रा, मधुसूदन सिंह चौधरी, रमेश राय सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।