एमएसीपी से वंचित करनेवाले आदेश के खिलाफ झारोटेफ ने मनाया प्रतिवाद दिवस
डीजे न्यूज, गिरिडीह : झारोटेफ के आह्वान पर सोमवार को पूरे राज्य में एमएसीपी अधिकार-प्रतिवाद दिवस का आयोजन किया गया। गिरिडीह जिले में भी सभी प्रखंडों के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से विभागीय आदेश की प्रतीकात्मक प्रति जलाकर विरोध दर्ज कराया।
झारोटेफ का कहना है कि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को अन्य राज्यकर्मियों की भांति एमएसीपी का लाभ नहीं देने का निर्णय सत्तारूढ़ दल के चुनावी घोषणा-पत्र और सरकार के विधानसभा में दिए गए आश्वासनों के विपरीत है। प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार के सार्वजनिक आश्वासनों और विभागीय निर्णयों में विरोधाभास से लाखों शिक्षकों का विश्वास आहत हुआ है। जिलाध्यक्ष मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि शिक्षकों को एमएसीपी से वंचित रखना न तो न्यायसंगत है और न ही संवैधानिक समानता के अनुरूप। सरकार को तत्काल इस आदेश की समीक्षा कर शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देना चाहिए। प्रांतीय महिला सचिव शमां परवीन ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय, समानता और वादों को लागू कराने के लिए है। संगठन लोकतांत्रिक दायरे में रहकर संघर्ष को अंतिम मुकाम तक ले जाएगा। झारोटेफ ने सरकार से मांग की है कि शिक्षा विभाग का आदेश तुरंत वापस लिया जाए। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो पाने अपना अधिकार, चलो मुख्यमंत्री के द्वार के नारे के साथ मुख्यमंत्री आवास तक शांतिपूर्ण कूच किया जाएगा। कार्यक्रम में गिरिडीह जिले के सभी प्रखंडों के प्राथमिक, मध्य, उच्च और उच्चतर विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।