TET से मुक्ति की मांग को लेकर 22 अक्टूबर से रांची में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन

TET से मुक्ति की मांग को लेकर 22 अक्टूबर से रांची में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन

डीजे न्यूज, रांची :अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में TET की अनिवार्यता समेत शिक्षक हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर मंथन किया गया। बैठक में TET लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कराने के लिए झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार को भेजने की मांग को लेकर निर्णायक आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।

संघ ने तय किया कि तमिलनाडु सरकार की तर्ज पर झारखंड सरकार भी इस दिशा में पहल करे। मांग को लेकर संघ अब प्रभावी मुहिम चलाएगा। इसके तहत 20 सितंबर के बाद राज्य के सभी मंत्रियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने और सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद 22 अक्टूबर से रांची में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू करने का फैसला लिया गया।

बैठक में संघ के आगामी चुनाव को लेकर भी कई निर्णय लिए गए। चुनाव संचालन समिति को सहयोग देने के लिए सभी जिलों को अपने राज्य प्रतिनिधियों की संख्या के अनुरूप सदस्यता के राज्यांश की आधी राशि संचालन समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। राशि संचालन समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए QR Code के माध्यम से जमा की जाएगी। इसके बाद संगठन महामंत्री की मौजूदगी में संचालन समिति के साथ सभी जिला अध्यक्षों और सचिवों की बैठक कराई जाएगी। बैठक के बाद संचालन समिति चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगी।

बैठक में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे संघ के मामले को लेकर भी जिलों की भूमिका पर चर्चा हुई। संघ की ओर से प्रत्येक जिले से 25 हजार रुपये सहयोग राशि की मांग की गई थी, लेकिन अब तक केवल पांच जिलों ने ही इस दिशा में कदम बढ़ाया है। राज्य कार्यकारिणी ने शेष सभी जिलों से तत्काल निर्धारित राशि राज्य कमिटी को भेजने का प्रस्ताव पारित किया।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट में चल रहे SLP/TET मामले में कुछ जिलों के असहयोगात्मक रवैये पर भी बैठक में गंभीर नाराजगी जताई गई। संघ का आरोप है कि कुछ प्रतिनिधि विभिन्न बहाने बनाकर शिक्षक हितों के विपरीत कार्य कर रहे हैं और संघ के आधिकारिक रुख के विपरीत भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। बैठक में ऐसे आचरण को शिक्षक विरोधी बताते हुए संबंधित प्रतिनिधियों के खिलाफ आलोचना प्रस्ताव पारित किया गया।

संघ ने स्पष्ट किया कि TET से मुक्ति समेत शिक्षक हित के मुद्दों पर अब आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।

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