डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को विद्यालय परिवार ने दी श्रद्धांजलि
डॉ. कलाम के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
डीजे न्यूज, पलामू : भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं ‘मिसाइल मैन’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 11वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को राजकीय मध्य विद्यालय, हुसैनाबाद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। विद्यालय परिवार ने डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन संघर्ष, सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरक मिसाल है। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने कभी शिक्षा से समझौता नहीं किया और अपनी मेहनत व लगन के बल पर देश के शीर्ष वैज्ञानिक और बाद में राष्ट्रपति बने।
वक्ताओं ने बताया कि 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में जन्मे डॉ. कलाम ने इसरो (ISRO) और डीआरडीओ (DRDO) में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। भारत के मिसाइल एवं परमाणु कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा। उन्होंने इंडिया 2020 और टर्निंग प्वाइंट जैसी प्रेरणादायी पुस्तकों की रचना भी की। 27 जुलाई 2015 को मेघालय की राजधानी शिलांग में उनका निधन हुआ था।
वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं के लिए डॉ. कलाम का जीवन प्रेरणा का स्रोत है। उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण के विचारों को अपनाकर ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया जा सकता है।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक कन्हैया प्रसाद, राजेश कुमार गुप्ता एवं रश्मि प्रकाश ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में आशा कुमारी, पूनम कुमारी, राजेश कुमार सिन्हा, कंप्यूटर शिक्षक प्रमोद प्रसाद सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।