CCL क्षेत्र में विकास को मिलेगी नई दिशा, स्थानीय लोगों की आजीविका पर डीसी का फोकस
डीजे न्यूज, गिरिडीह : CCL क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास और स्थायी आजीविका के अवसर बढ़ाने को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीर पहल शुरू की है। मंगलवार को उपायुक्त रामनिवास यादव ने समाहरणालय सभागार में संबंधित अधिकारियों एवं CCL प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सामुदायिक विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की।
बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि खनन क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना विकास योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
उपायुक्त ने CCL प्रबंधन एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का चयन किया जाए। आजीविका संवर्धन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने के साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक विकास केवल आधारभूत संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। स्थानीय लोगों के लिए ऐसे स्थायी अवसर तैयार किए जाएं, जिनसे वे भविष्य में भी नियमित आय के साधनों से जुड़े रह सकें। इसके लिए विभागीय योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया।
स्थानीय लोगों की भागीदारी पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं का चयन करते समय क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन किया जाना चाहिए। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने से योजनाओं की उपयोगिता और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
बैठक में माइन क्लोजर प्लान और खनन प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्विकास पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि खनन गतिविधियों के बाद भी क्षेत्र का सतत और समावेशी विकास जारी रहना चाहिए। इसके लिए अभी से ऐसी योजनाएं तैयार की जानी आवश्यक हैं, जिनसे स्थानीय समुदायों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सामुदायिक विकास और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की नियमित समीक्षा करने तथा उनके प्रभावी अनुश्रवण का निर्देश दिया। साथ ही योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी, CCL के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।