बरवाअड्डा में मिली शव की हुई पहचान
डीजे न्यूज, गोविंदपुर(धनबाद): बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के सहरजोड़ी के समीप 7 मई को मिली लाश की पहचान गोविंदपुर थाना अंतर्गत अमलाटांड़ गांव निवासी सादिक अंसारी( 20 वर्ष) के रूप में हुई है । वह पूर्व पंचायत समिति सदस्य राजू अंसारी एवं पंचायत समिति सदस्य शकीला खातून का पुत्र था । खोजबीन करने के बाद जब पुत्र का सुराग नहीं मिला तब राजू अंसारी रविवार को गोविंदपुर थाना में शिकायत दी थी। शिकायत में कहा था कि सादिक 5 मई को दोस्त आरिफ अंसारी, आसिफ अंसारी उर्फ मुंजा, तौफीक अंसारी एवं अन्य के साथ सोहेल के घर जाने की बात कहकर निकला था। शाम तक फोन नहीं आया तो रात में राजू ने अपने पुत्र को फोन किया तो रिंग होने के बाद फोन स्विच ऑफ हो गया । इसके बाद सोहेल अंसारी को फोन लगाया तो उसने कहा कि आधे घंटे में मोबाइल पर बात कराते हैं । इसके बाद सोहेल का फोन स्विच ऑफ हो गया । राजू जब सोहेल के घर गए तो ताला बंद पाया। फिर उसके पिता सलीम अंसारी को फोन किया तो स्विच ऑफ मिला। राजू अंसारी ने थाना को दिए गए आवेदन में कहा है कि उनके पुत्र की दोस्ती सोहेल अंसारी के साथ नशा मुक्ति केंद्र में हुई थी तथा बाकी लोग गांव के ही हैं । पुत्र की खोजबीन करने के कारण गोविंदपुर थाना को सूचना देने में विलंब हुआ। उन्होंने शक जताया था कि सोहेल अंसारी, आरिफ अंसारी, आसिफ अंसारी, तोहिद अंसारी, सोहेल के पिता एवं अन्य लोगों ने मिलकर उनके पुत्र को गायब कर दिया है। पुलिस ने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल मर्चरी में शव रखी हुई है । इसके बाद राजू अंसारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे तो कपड़ा और जूता से अपने पुत्र की पहचान की । इसके बाद शव गांव लाया गया। लाश पहुंचने के साथ गांव में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। प्रखंड प्रमुख निर्मला सिंह, पूर्व प्रमुख डीन सिंह, झामुमो नेता मन्नू आलम व एजाज अहमद, गुलाम कादिर, जिप सदस्य सोहराब अंसारी, अखलाक अंसारी, जहीर अंसारी, समीर दे, शत्रुघ्न विश्वकर्मा, शंभू प्रसाद भगत , आसिफ रजा, शमीम अख्तर, गब्बर अंसारी, शाहनवाज अख्तर, रिजवान अंसारी, झंटू शेख, अमजद अंसारी, समेत दर्जनों लोग पहुंचे और घटना पर दुख जताया। सादिक की मिट्टी मंजिल रात में ही कर दी गई। सहर जोड़ी में लाश मिलने के मामले में एसआई नागेश श्रीवास्तव के आवेदन पर बरवाअड्डा थाना में यूडी केस संख्या 5/ 26 दिनांक 7. 5.26 दर्ज हुआ था। चेहरे पर कीड़ा लगने के कारण चमड़ी पर सफेद रंग का दाग, मुंह एवं नाक से झाग निकालने की स्थिति तथा मुंह को काला एवं सफेद चेक रुमाल से बांधे स्थिति में पाया गया था।