भाजपा सरकार के नव फासीवादी चेहरा हुआ  बेनकाब: तपन सेन माकपा राज्य कमिटी की दो दिवसीय बैठक संपन्न

भाजपा सरकार के नव फासीवादी चेहरा हुआ  बेनकाब: तपन सेन

माकपा राज्य कमिटी की दो दिवसीय बैठक संपन्न

डीजे न्यूज, रांची:
नीट प्रश्नपत्र लीक, सीबीएसई उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ियों और सीयूईटी परीक्षा के दौरान बार-बार आई तकनीकी समस्याओं ने एक बार फिर भाजपा-नीत केंद्र सरकार की अक्षमता को उजागर किया है। पिछले 12 वर्षों में 25 से अधिक केंद्रीय परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। इसके परिणाम स्वरूप अबतक 21 छात्रों ने निरासा में मौत को गले लगा लिया। इस घटना से पूरे देश में आक्रोश व्याप्त है और छात्र एनटीए को समाप्त करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के
इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहें हैं, लेकिन मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह संसद पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए छात्र – छात्राओं
पर पुलिस और गुंडों को छोड़ कर उनपर हमले करवा रही है। देश की युवा पीढ़ी बहुत ही बहादुरी से इन हमलों का मुकाबला कर रही है।  यह बात आज माकपा राज्य कमिटी बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए  पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य तपन सेन ने कही। पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने
कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा द्वारा भ्रष्टाचार समाप्त करने के दावे एक और ‘जुमला’ साबित हुए हैं. उनके करीबी लोगों द्वारा खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है। संघ परिवार के नेतृत्व वाले राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख लोगों पर मंदिर को मिले चंदे के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। ये घटनाएँ संघ परिवार के वास्तविक चरित्र को उजागर करती हैं।
मीडिया रिपोर्टों में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पर भी सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। सरकार को तत्काल निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध, चाहे उनका पद कुछ भी हो, कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
माकपा राज्य कमिटी ने  राज्य सरकार द्वारा झारखंड में  न्यूक्लियर प्लांट की स्थापना के लिए जिंदल के साथ हुए एमओयू   के अध्ययन के लिए एक विशेषज्ञ टीम का गठन किए जाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा न्युक्लियर प्लांट में कोई दुर्घटना होने पर उसके निजी मालिक की
कोई जिम्मेवारी न होने का केंद्रीय शांति विधेयक के प्रावधानों को राज्य सरकार किस प्रकार शिथिल कर सकती है इसे लेकर पार्टी का एक शिष्टमंडल जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री से मिलेगा।

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