बगोदर के प्रवासी मजदूर लालचंद महतो पासपोर्ट गुम होने से दुर्ब में फंसे
कंपनी ने नौकरी से हटाया, खाने तक के पैसे नहीं
डीजे न्यूज, गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह,हजारीबाग और बोकारो जिले के मजदूरों का विदेश में फंसने और मौत का सिलसिला जारी है। झारखंड के प्रवासी मजदूर के विदेश में फंसे होने का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत तिरला के रहने वाले प्रवासी मजदूर लालचंद महतो जो दुबई में फंसे हुए हैं।लालचंद महतो की पत्नी ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पति रोजगार के लिए दुबई गए थे। वहां कारपेंटर (बढ़ई) के रूप में कार्यरत थे। दुर्भाग्यवश, दुबई में कार्य के दौरान उनका पासपोर्ट गुम हो गया। पासपोर्ट गुम होने के बाद उन्हें अनेक प्रशासनिक एवं कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं। इनकी कंपनी द्वारा उन्हें कार्य से भी हटा दिया गया है। वर्तमान में वे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन-यापन कर रहे हैं। वह वापस वतन लौटना चाहते हैं, किंतु आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया एवं सहयोग के अभाव में उनकी स्वदेश वापसी नहीं हो पा रही है। मेरे ससुर दशरथ महतो 2013 से मुंबई से लापता हैं। इस वजह से मेरी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो चुकी है।
सामाजिक कार्यकर्ता ने की मदद की अपील
प्रवासी श्रमिकों के लिए काम कर रहे सिकन्दर अली ने केंद्र और राज्य सरकार से लालचंद महतो की सकुशल वतन वापसी के लिए ठोस पहल करने किए जाने की मांग की है।उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है।इसके पहले भी कई बार प्रवासी मजदूर अधिक पैसे कमाने की लालच में विदेश जाकर फंस चुके हैं। साथ ही साथ कई लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में काफी मशक्कत के बाद वैसे मजदूरों की वतन वापसी और शव आ पाती हैं। वर्तमान में गिरिडीह जिले के का द्वारका महतो और बोकारो जिले के सत्येंद्र महतो का शव सऊदी अरब में पड़ा हुआ है। वहीं गिरिडीह जिले के बगोदर के महेंद्र महतो जो सऊदी में फंसा हुआ है और डुमरी के हुलास महतो जो दुबई जेल में बंद है। इसके बावजूद प्रवासी मजदूर पुरानी घटनाओं से सबक नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सरकार को मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए रोजगार की व्यवस्था करने की जरूरत है।