हाथियों ने पारा शिक्षक को कुचलकर मार डाला, आक्रोशितों ने डीएफओ को चार घंटे धूप में बैठाया
आश्रित पुत्र को वन विभाग में अस्थायी तकनीकी कर्मी के रूप में नियुक्ति समेत अन्य मांगों पर डीएफओ से लिखित समझौता, 13 घंटे बाद शव उठा
टुंडी(धनबाद) : जाताखूंटी पंचायत के गुलियाडीह गांव निवासी एवं नया प्राथमिक विद्यालय गुलियाडीह के सहायक अध्यापक(पारा शिक्षक) गिरजा मुर्मू को सोमवार की देर रात 35 जंगली हाथियों के झुंड ने कुचलकर मार डाला। हाथी पारा शिक्षक के खेत में लगे फसल को खा रहा था। मशालचियों के साथ ग्रामीण हाथियों को खदेड़ने में लगे थे, तभी यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया। मृतक के आश्रित को सरकारी नियुक्ति और मुआवजा तथा हाथियों से सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शव को उठाने से इनकार कर दिया। घंटों बाद डीएफओ विकास पालिवाल पुलिस सुरक्षा में पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएफओ को अपने साथ धूप में जमीन पर बैठा दिया। करीब चार घंटे तक डीएफओ धूप में बैठे रहे। इस दौरान कई दौर की बातचीत डीएफओ के साथ ग्रामीणों और नेताओं की हुई। सरकारी नौकरी पर बात अटक गई। अंत में डीएफओ ने अपने कार्यालय में दूसरे ही दिन बुधवार को अस्थायी तकनीकी कर्मी के रूप में नियुक्त करने का लिखित समझौता किया। ग्रामीणों ने हाथियों के आने-जाने के गुलियाडीह रास्ते में हाई मास्क लाइट तत्काल लगाने की मांग की। डीएफओ ने इस पर मोबाइल पर ही डीडीसी से बातचीत की। डीडीसी ने वहां तत्काल हाई मास्क लाइट लगाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिया। इसके अलावा तत्काल एक लाख रुपये सहायता के रूप में दिया गया। मुआवजे की बाकी राशि सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद देने पर सहमति बनी। हाथियों से सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में मशालचियों की व्यवस्था एवं जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में देने पर सहमति बनी। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी देने के लिए वन विभाग को सक्रिय करने पर सहमति हुई। लिखित समझौता में डीएफओ के अलावा दिवंगत पारा शिक्षक के पुत्र दिनेश मुर्मू, मुखिया आशा मुर्मू एवं जिला परिषद सदस्य मीना हेम्ब्रम ने हस्ताक्षर किए। वार्ता में प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य ज्ञान रंजन सिन्हा, सांसद प्रतिनिधि
सुभाष रवानी, मुखिया प्रतिनिधि शक्ति हेम्ब्रम, शिक्षक चांद मुर्मू, भाजपा नेता दिनेश सिंह, भाजपा के मंडल अध्यक्ष गोविंद टुडू, राजीव ओझा, श्रवण टुडू, किशोर हेम्ब्रम, नुनूलाल मुर्मू, जेएलकेएम नेता रविकांत मंडल, बेसर हेम्ब्रम आदि ने भाग लिया। लिखित समझौता वार्ता के बाद शाम करीब चार बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीणों ने ले जाने दिया।
बता देंं कि जंगली हाथियों का झुंड लगातार टुंडी और गिरिडीह जिले के पीरटांड़ में कहर बरपा रहा है। सरकार इसका कोई समाधान नहीं निकाल पा रही है।