गिरिडीह की डेढ़ सौ महिला उद्यमियों को मिलेगा दस लाख का अनुदान या ब्याज मुक्त ऋण
ऐसे उद्यमी जिनका स्वामित्व सखी मंडल की सदस्यों अथवा उनके परिवार व निकट संबंधियों के पास है 30 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन
डीजे न्यूज, गिरिडीह : समाहरणालय सभागार में सोमवार को झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले की महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को गैर-कृषि क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने, व्यवसाय के विस्तार, बाजार से जुड़ाव तथा वित्तीय एवं तकनीकी सहायता के अवसरों से अवगत कराना रहा। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव, जिला परिषद अध्यक्ष, उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता सहित उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर डीपीएम, JSLPS सहित संबंधित पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय महिला उद्यमी एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य
कार्यशाला में बताया गया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD)द्वारा अनुमोदित झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS)के सहयोग से आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से राज्य की स्वयं सहायता समूह (SHG)से जुड़ी महिला उद्यमियों को गैर-कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाने, उनके व्यवसाय को बढ़ाने, राजस्व में वृद्धि करने तथा आजीविका को मजबूत करने की दिशा में सहयोग प्रदान किया जाना है। कार्यशाला में कार्यक्रम के तहत 150 उद्यमियों के चयन तथा उन्हें विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। चयनित उद्यमियों को ₹10 लाख तक अनुदान/ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता, व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण, ब्रांडिंग एवं व्यवसाय विकास में सहयोग, उपकरण, तकनीक एवं व्यावसायिक प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी, नेटवर्किंग एवं मार्केट लिंकेज तथा सरकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में सहयोग प्रदान किया जाएगा।
निर्माण एवं सेवा क्षेत्र के उद्यमी कर सकते हैं आवेदन
कार्यशाला में पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि ऐसे उद्यमी, जिनका स्वामित्व सखी मंडल की सदस्यों अथवा उनके परिवार/निकट संबंधियों के पास है, इस कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा पंजीकृत बड़े उद्यमी, समूह उद्यमी अथवा व्यक्तिगत उद्यमी तथा Manufacturing एवं Services क्षेत्र में कार्यरत पात्र उद्यमी भी कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं। उपस्थित महिलाओं एवं SHG सदस्यों से अपील की कि वे कार्यक्रम की जानकारी को अधिक से अधिक पात्र महिला उद्यमियों तक पहुंचाएं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित है।
उपायुक्त ने महिला उद्यमियों को किया प्रोत्साहित
इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि जिले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता, व्यवसाय विस्तार, बाजार से जुड़ाव और वित्तीय सशक्तिकरण के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम की जानकारी जिले के अधिक से अधिक पात्र उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों तक पहुंचाई जाए तथा इच्छुक लाभुकों को आवेदन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में उचित सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जुड़ाव का समन्वित लाभ मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। कार्यशाला में उपस्थित महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कार्यक्रम की जानकारी में सक्रिय रुचि दिखाई तथा अपने उद्यमों के विस्तार से संबंधित जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया गया।