शोधकर्ताओं को जल आपूर्ति प्रबंधन प्रणाली पर मिला पेटेंट
डीजे न्यूज, धनबाद: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यापीठ), धनबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार रंजन के नेतृत्व में विकसित “वाटर सप्लाई मैनेजमेंट सिस्टम” को हाल ही में भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से पेटेंट प्राप्त हुआ है। यह तकनीक जल संसाधनों के बेहतर, स्मार्ट और टिकाऊ प्रबंधन के उद्देश्य से विकसित की गई है। पेटेंट आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के नाम से प्रदान किया गया है।
इस शोध एवं आविष्कार में डॉ. राजीव कुमार रंजन के साथ पुष्कर श्रीवास्तव, राहुल कुमार गुप्ता, कपिल वर्मा, अंकुर चौरसिया, विरमानी हर्षवर्धन सोलंकी, ओम कुमार, सनल रॉय, सचिन कुमार, शुभम कुमार कुर्रे और डॉ. बिंदु प्रियदर्शिनी सह-आविष्कारक रहे। इस पेटेंट के लिए आवेदन वर्ष 2022 में किया गया था और इसे पेटेंट संख्या 594872 प्रदान की गई है।
इस तकनीक का सफल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी हो चुका है। शोध के तहत विकसित डिवाइस को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बलियापुर में स्थापित किया गया है, जहां इसका उपयोग जल आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन के लिए किया जा रहा है।
इस उपलब्धि पर डॉ. राजीव कुमार रंजन ने कहा, “हमारा प्रयास ऐसी किफायती और उपयोगी तकनीक विकसित करना था, जिससे जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। यह हमारे लिए खुशी की बात है कि यह तकनीक प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रही, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्र, बलियापुर तक पहुंच चुकी है। हमें उम्मीद है कि भविष्य में इसका उपयोग और अधिक संस्थानों एवं क्षेत्रों में होगा।”
उन्होंने बताया कि यह शोध कार्य लगभग सात लाख रुपये की परियोजना के तहत किया गया, जिसे आईईईई यूएसए (IEEE USA) का वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। यह संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स (IEEE) की इकाई है, जो तकनीकी नवाचार और शोध को बढ़ावा देती है।
यह वाटर सप्लाई मैनेजमेंट सिस्टम जल वितरण और जल संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में मददगार साबित हो सकता है। कृषि, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग संभव है। यह उपलब्धि समाज की जरूरतों के अनुरूप उपयोगी तकनीक विकसित करने और उसे जमीन तक पहुंचाने की दिशा में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रयासों को और मजबूत करती है।