जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों और राहुल गांधी पर कार्रवाई के विरोध में गिरिडीह कांग्रेस का धरना

जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों और राहुल गांधी पर कार्रवाई के विरोध में गिरिडीह कांग्रेस का धरना

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

डीजे न्यूज, गिरिडीह : दिल्ली में पेपर लीक को लेकर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के सामने अन्य सांसदों के साथ धरने पर बैठने के दौरान हुई गिरफ्तारी और कथित दुर्व्यवहार के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से गिरिडीह में धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। धरने में जिले भर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पेपर लीक मामले का जिम्मेदार बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की गई। साथ ही छात्रों पर कथित अत्याचार, पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट तथा छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।

धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि आज जिस तरह से हर वर्ग के लोग, चाहे वह छात्र हो, मजदूर हो या किसान, इस सरकार के तानाशाही रवैये का शिकार हो रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इस सरकार का अहंकार तोड़ना होगा और इसकी विदाई तय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रों के साथ गुरुवार को हुई घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।

जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मोहम्मद अली खान ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई कथित अभद्रता की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास अस्वीकार्य है। उन्होंने इस मामले में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सतीश केडिया, जो शहर से बाहर रहने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, ने मीडिया को भेजे अपने संदेश में कहा कि जो लोग लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, वे पूरी तरह तानाशाह हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि चाहे पिछली सरकारों में किसानों के खिलाफ लाए गए काले कानून हों या भूमि अधिग्रहण बिल, केंद्र सरकार लगातार जनविरोधी फैसले लेती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज हजारों किलोमीटर दूर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की कड़ी मेहनत पर पेपर लीक कर पानी फेरने का काम किया जा रहा है, क्योंकि इस सरकार ने शिक्षा को भी पैसा कमाने का माध्यम बना दिया है। शिक्षा माफिया इस सरकार में पूरी तरह हावी है। सरकार का हर कदम केवल अपने करीबी लोगों के हित में उठाया जाता है। इसलिए इस सरकार का जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता इस सरकार को सत्ता से हटाने के लिए कृतसंकल्प है।

धरना कार्यक्रम के उपरांत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी तथा आंदोलन के दौरान हुई कथित घटनाओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

इस धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से धनंजय सिंह, पप्पू विश्वकर्मा, बिलाल अहमद हुसैनी, मोहम्मद अकबर, मोहम्मद निजामुद्दीन, निजाम अंसारी, मनोज राय, विमल राय, किशोर राय, ओवैस अहमद, सरफराज अंसारी, इतवारी वर्मा, नागेश्वर मंडल, महेंद्र सिंह, मोहम्मद शमी, गुरु खान, राजेश पुरी, मोहम्मद मनीर, सुलेमान अख्तर, शाहनवाज आलम, अनिल चौधरी, मंजूर अंसारी, मेराजुल नजरी, पुरुषोत्तम चौधरी, अहमद राजा नूरी, मोहम्मद सद्दाम, अख्तर अंसारी, जुनेद आलम, बिलाल अहमद हुसैनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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