सरकारी कर्मचारियों को बुढ़ापे का सहारा देने वाले सुदिव्य सोनू खुद जवानी में हम सबों को छोड़कर चले गए
झारोटेफ ने टावर चौक पर की श्रद्धांजलि सभा, दिवंगत मंत्री सुदिव्य सोनू को किया नमन
युगल किशोर की गीत और शमा प्रवीण दिलों को छू लेने वाली कविता ने सभी की आंखें नम कर दी
डीजे न्यूज, गिरिडीह : झारखंड ऑफिसर्स टीचर एंड एम्पलाइज फेडरेशन ने गिरिडीह शहर के टावर चौक पर सोमवार को दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा का आयोजन किया। इस अवसर पर जिले भर के तमाम शिक्षक एवं कर्मचारी ने नाम आंखों से उन्हें याद कर उनकी आत्मा की शांति के लिए मौन व्रत धारण और तेलीय चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
इस मौके पर बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी ने कहा कि सुदिव्य कुमार दूरदर्शी सोच रखते थे और 25 से 30 वर्ष के आगे का बात सोचते थे। साइंस एंड टेक्नोलॉजी के बारे में शिक्षा के उत्थान के बारे में उनकी सोच दूरदर्शी थी। सरकारी कर्मचारी की बात हो या जनकल्याण की बात हो उनकी गहरी सोच होती थी। उनकी कमी की भरपाई नहीं की जा सकती है। वहीं पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के प्रति उनकी चिंता को दूर करने का और पुरानी पेंशन देने की सराहना की और कहा कि उनके जो अधूरे सपने हैं उसे हम सभी मिलकर पूरा करेंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सचिव प्रणव वर्मा ने कहा कि हमें यह विश्वास नहीं हो रहा कि सुदिव्य कुमार सोनू हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने न केवल संगठन को मजबूती देने का काम किया बल्कि सरकार में रहकर गिरिडीह सहित पूरे झारखंड राज्य में विकास की जो लकीर खींची है वह सराहनीय है। उनके अधूरे सपने को हम सभी को मिलकर पूरा करना है। प्रदेश झारोटेफ के संरक्षक रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू को इतने कम समय में चले जाने का हम सभी को बेहद अफसोस है। एक नौजवान नेता हम सभी के बीच में नहीं रहा। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि गिरिडीह जिले में जो विकास की लकीर सुदिव्य कुमार ने खींचा है वह निकट भविष्य में कोई दूसरा नहीं कर सकेगा। झारखंड सरकार एवं जिला प्रशासन से उन्होंने मांग किया कि टावर चौक से लेकर कल्याणडीह की तक जो सड़क चौड़ीकरण की गई है, इंजीनियरिंग कॉलेज, सर जेसी बोस यूनिवर्सिटी, मेगा डायवर्सिटी पार्क जैसी योजनाओं का नाम सुदिव्य कुमार सोनू के नाम पर किया जाए। अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को बुढ़ापे का सहारा देने वाले और सेवानिवृत्ति के बाद वृद्ध आश्रम जाने से बचाने वाले पुराने पेंशन के प्रणेता सुदिव्य कुमार खुद जवानी में हम सब को छोड़कर चले गए। इसका गहरा सदमा सरकारी कर्मचारियों को है क्योंकि उन्हीं के द्वारा प्रशस्त किए गए मार्ग पर पुरानी पेंशन का तोहफा हम सबको मिला जिसने हमारे बुढ़ापे को सुरक्षित किया। कर्मचारियों के हितों की बातों को मुख्यमंत्री तक लगातार पहुंचाया और जिले के साथ-साथ राज्य के विकास में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
जिला सचिव केदार प्रसाद यादव ने कहा कि ऐसे दूरदर्शी नेता पूरे झारखंड में मुझे दिखाई नहीं पड़ता है। जिला कोषाध्यक्ष रविकांत चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। प्रांतीय महिला सचिव शमा परवीन, अख्तर अंसारी और युगल किशोर ने स्वरचित कविताओं के माध्यम से इस दिव्य पुरुष को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर अनूप कुमार, मुक्तेश्वर प्रसाद, मुरारी कुमार, देवेंद्र प्रसाद सिंह, केशव कुमार, चंद्रमणि प्रसाद, घनश्याम गोस्वामी, ऋषिकांत सिंह, राजेश सिंह, मिथुन राज, आनंद शंकर, कल्पना सिंह, मनोज कुमार यादव, विकास कुमार सिंह चौधरी, संजय महतो, विनोद चौधरी के अलावा संगठन के सभी प्रखंड अध्यक्ष, प्रखंड सचिव सहित सैकड़ों की संख्या में सभी प्रखंड के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी ने श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस अवसर पर उस वक्त सभी की आँखें नम हो गयी जब युगल किशोर ने भावपूर्ण गीत और दिलों को छू लेने वाली कविता प्रांतीय महिला सचिव शमा प्रवीण ने पढ़ी।