भारतीय कला समाज को हमेशा से कुछ ने कुछ देती रही हैं : सरयू राय

भारतीय कला समाज को हमेशा से कुछ ने कुछ देती रही हैं : सरयू राय

डीजे न्यूज, धनबाद : सनातन काल से ही मनाेरंजन की अलग-अलग व्यवस्था रही है। इसमें नाट्य कला एक प्रमुख माध्यम है। भारतीय समाज में जो कला हैं वह हमेशा समाज को कुछ न कुछ देती रही है। यही कारण है समाज को सशक्त बनाने का मजबूत माध्यम हमारी सनातन संस्कृति, सभ्यता और कला है। यह बातें जमशेदपुर पश्चिम से विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने बुधवार को लुबी सर्कुलर रोड़ स्थित विवाद भवन में द ब्लैक पर्ल्स धनबाद, आल इंडिया कल्चरल काउंसिल वाराणसी और रंग संस्कार थिएटर ग्रुप अवर की ओर से आयोजित रंगशाला में कही।
विधायक ने कार्यशाला में उपस्थित कलाकारों से मुलाकात की। इस दौरान आगामी 14 से 20 नवंबर तक जमशेदपुर में आयोजित होने वाले माघ मेला में द ब्लैक पर्ल्स धनबाद को आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि नाटक देखने का उन्हें शौक तो है लेकिन कभी लगाव नहीं रहा। जबकि सनातन संस्कृति में नाटक, चित्रकारी समेत अन्य कला का काफी महत्व है। उन्होंने कहा कि कला सामाज को जागरुक और शिक्षित करने का भी माध्यम है। ऐसे विषयों को भी उठाया जाता है जो समाज को जागृत करे। विधायक राय ने अपने कई अनुभव भी साझा किया। राय ने कहा कि धनबाद में कलाकारों को रंगमंच मिले इसका प्रयास किया जाएगा। इससे पूर्व रंगशाला की कार्यक्रम संयोजिका शारदा गिरी ने विधायक सरयू राय का स्वागत किया। इस दौरान संस्था की ओर से एक स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया गया।

पूर्व बियाडा चेयरमैन सह समाजसेवी बिजय झा ने कहा कि धनबाद में कलाकारों की कमी नहीं है। नाट्य कला के अलावा अन्य क्षेत्रों से जुड़े काफी कलाकार हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन के लिए यहां कोई मंच नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि न्यू टाउन हाल समेत अन्य जो सरकारी रंगमंच हैं वे काफी महंगे साबित हो रहे हैं। कलाकारों के लिए बना कला भवन जीर्ण हो रहा है। इसकी भी स्थिति ठीक नहीं है। झा ने कहा कि यह पहली बार है कि नाट्य कला से जुड़ा अभिनय, मेकअप, मुखौटा निर्माण, विभिन्न प्रकार के व्यायाम की जानकारी इस सात दिवसीय कार्यशाला में दी जा रही है।

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