भारतीय समुद्री कर्मचारियों की हत्या की माकपा ने की निंदा
डीजे न्यूज, रांची:
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकर एमटी सेट्टेबेलो (MT Settebello) पर हुए हमले में तीन भारतीय समुद्री कर्मचारियों की हत्या की कड़ी निंदा की है। यह दुखद घटना पश्चिम एशिया में अमेरिकी साम्राज्यवाद द्वारा किए जा रहे लापरवाह और आक्रामक सैन्य हस्तक्षेपों का एक और परिणाम है, जो क्षेत्र को अस्थिर कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं और निर्दोष नागरिकों तथा कामगारों के जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं।
मारे गए भारतीय समुद्री कर्मचारी आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन कर रहे नागरिक नाविक थे। वे किसी भी तरह से लड़ाकू नहीं थे और किसी सैन्य या भू-राजनीतिक संघर्ष में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
सीपीआई(एम) ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और दुनिया भर के नाविकों तथा समुद्री श्रमिकों के साथ एकजुटता प्रकट की है, जो सैन्य दुस्साहस और भू-राजनीतिक ताकतों के बढ़ते संघर्ष के शिकार बन रहे हैं।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) से संबद्ध फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया की रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल को ले जा रहा एमटी सेट्टेबेलो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) के पास समुद्री यात्रा के दौरान हमले का शिकार हुआ। यह हमला इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों से जुड़ी अन्य घटनाओं के बाद हुआ है और नागरिक जहाजरानी के सामने बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है।
सीपीआई(एम) ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की शर्मनाक चुप्पी और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की स्पष्ट पहचान कर उनकी निंदा करने से इनकार करने की आलोचना की है।
सीपीआई(एम) ने मांग की है कि भारत सरकार को इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए, भारतीय नागरिकों की मौत के लिए जवाबदेही तय करने की मांग करनी चाहिए और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए।