विधानसभा की विशेष समिति ने की समीक्षा बैठक
बीसीसीएल ने खनन के लिए किया सरकारी जमीन का उपयोग, राज्य सरकार के खाते में जमा हुआ 220 करोड़ रुपए राजस्व
डीजे न्यूज, धनबाद:
झारखंड विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) ने सोमवार को सर्किट हाउस में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, जिले में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा रैयतों, सरकारी व फोरेस्ट लैंड पर खनन व ओवर बर्डन डंपिंग की समस्या की समीक्षा बैठक की। अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने की। बैठक में समिति के सदस्य सह विधायक सिंदरी चंद्रदेव महतो, विधायक निरसा अरूप चटर्जी, विधायक चंदनकियारी उमाकांत रजक एवं विधायक तोरपा सुदीप गुड़िया की उपस्थित थे।
समिति अध्यक्ष ने बताया कि विशेष समिति के प्रयास से यह उजागर हुआ कि विभिन्न कोल कंपनियों द्वारा रैयत के साथ-साथ सरकारी जमीन का उपयोग किया गया है। धनबाद जिले में बीसीसीएल ने सरकारी जमीन का उपयोग करने के लिए सरकार के खाते में 220 करोड़ रुपए राजस्व जमा कराया है।
उन्होंने बताया कि सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड तथा ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड ने भी स्वीकारा है कि उन्होंने खनन के लिए सरकारी जमीन का उपयोग किया है। इन कंपनियों ने सरकार को राजस्व देने की बात भी स्वीकारी है। जिससे राज्य सरकार को 1000 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि विशेष समिति के आकलन और निष्कर्ष से राज्य सरकार के साथ-साथ रैयतों को भी आर्थिक लाभ होगा। उन्होंने बताया कि 9 महीने पहले विधायक सिंदरी द्वारा सुरंगा में आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा ओवर बर्डन डंपिंग का मामला संज्ञान में लाया गया था। इसके बाद विधानसभा की विशेष समिति का गठन किया गया। समिति प्रयासरत है कि जितने रैयतों की जमीन का उपयोग खनन के लिए किया जा रहा है उन्हें जमीन के एवज में पूरा मुआवजा मिले।
इसके लिए जिला प्रशासन एवं बीसीसीएल को रैयतों की समस्या का सरल तरीके से निपटारा करने का निर्देश दिया है। वहीं कुछ रैयतों के आवेदन भी प्राप्त हुए हैं। जिस पर कार्रवाई चल रही है। समिति का ध्यान समस्या का निराकरण करने पर केंद्रित है। बीसीसीएल ने भी स्वीकार किया है कि रैयत को मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान क्षेत्र की समस्याओं, जनसुविधाओं एवं विकास कार्यों को लेकर विचार-विमर्श किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
समिति के सदस्य सह विधायक सिंदरी ने कहा कि रैयतों की समस्या का समाधान के लिए कार्रवाई को गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक रैयतों से लगभग 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसका झरिया एवं बलियापुर के अंचल अधिकारी जांच कर निष्पादन कर रहे हैं।
वहीं विधायक निरसा ने कहा कि विशेष समिति का उद्देश्य राजस्व की हानि रोकना तथा रैयतों को जल्दी मुआवजा दिलाना है। कहा कि विगत 5 – 6 दशक में जितनी सरकारी जमीन का बिना अनुमति खनन के लिए उपयोग हुआ है उसका आकलन कर मुआवजा लिया जाएगा।
बैठक में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक तकनीकी संचालन संजय कुमार सिंह के अलावा राजस्व विभाग के सभी पदाधिकारी, भू-अर्जन, पथ प्रमंडल, भवन निर्माण, एनएच, स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड, मैथन पावर लिमिटेड, टाटा, डीवीसी, हर्ल, डीजीएमएस, आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।