संगीतमय भागवत कथा का भव्य शुभारंभ
पहले दिन राजा परीक्षित के प्रसंग से मिला गहरा आध्यात्मिक संदेश
डीजे न्यूज, कोलकाता : पुरुषोत्तम मास के शुभ उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बांगुर एवेन्यू (कोलकाता) सेवाकेंद्र द्वारा आध्यात्मिक व संगीतमय भागवत सप्ताह का भव्य आयोजन किया गया है। कथा के प्रथम दिन मुख्य वक्ता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अस्मिता दीदी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपनी मधुर वाणी से भावविभोर कर दिया।
राजा परीक्षित के प्रसंग से मिला गहरा आध्यात्मिक संदेश
कथा के पहले दिन ब्रह्माकुमारी अस्मिता दीदी ने राजा परीक्षित को मिले श्राप और उसस े मुक्ति की कथा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंन े बताया कि जब राजा परीक्षित को ऋष ि कन्या द्वारा सात दिनो ं मे ं मृत्यु होने का श्राप मिला, तो राजा विचलित नही ं हुए। उन्होंन े इन सात दिनो ं का सदुपयोग संसार को समेटन े और ईश्वरीय ज्ञान को प्राप्त करने में किया।
दीदी ने स्पष्ट किया कि राजा परीक्षित ने सबस े पहले आत्मा का सच्चा ज्ञान प्राप्त किया। इस ज्ञान के माध्यम से उन्होंन े जाना कि मृत्यु के समय मनुष्य इस नश्वर संसार से अपने साथ क्या ले जा सकता है और उसे क्या यही ं छोड़ना पड़ता है। उन्होंन े कहा:
“भौतिक वस्तुएं और नकारात्मक विचार यही ं रह जाते हैं, केवल हमारे द्वारा कमाए गए पुण्य कर्म और आत्मिक शांति ही हमारे साथ चलती है।”
श्रद्धालुओं ने लिया ‘हल्के और खुश रहने का संकल्प
इस संगीतमय भागवत कथा के प्रथम दिन 500 से अधिक भाई-बहनो ं ने पूरी तन्मयता और एकाग्रता के साथ कथा का आनंद लिया। आध्यात्मिक भजनो ं और ज्ञान की बातों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
कथा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने एक बेहद सुंदर और सकारात्मक संकल्प लिया। सभी ने वायदा किया किः वे उन सभी व्यर्थ बातों और नकारात्मक सोच को यहीं त्याग कर जाएंगे, जिसस े उनका जीवन भारी हो रहा है। वे अब से पूरी तरह हल्के (तनावमुक्त) होकर, हंसते-मुस्कुराते हुए अपने घर जाएंग े और जीवन को सकारात्मकता से जिएंगे।
कार्यक्रम को सफल बनान े में स्थानीय सेवाकेंद्र के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। यह भागवत सप्ताह आगामी छह दिनों तक निरंतर जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन जीवन उपयोगी आध्यात्मिक रहस्यों से पर्दा उठाया जाएगा।