झामुमो महिला मोर्चा ने मजदूर दिवस पर लेबर कोड के खिलाफ खोला मोर्चा
डीजे न्यूज, गिरिडीह: अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर झामुमो जिला कार्यालय में महिला मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान श्रमिकों के अधिकार, संघर्ष और उनके योगदान को याद करते हुए उनके हक में आवाज बुलंद की गई।
कार्यक्रम में जिला संगठन सचिव दिलीप मंडल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच मजदूर दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है, जिससे ईंधन और खाद्य संकट गहरा रहा है और प्रवासी मजदूरों की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
झामुमो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष कौलेश्वर सोरेन ने कहा कि 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में हुए ऐतिहासिक मजदूर आंदोलन की याद में यह दिवस मनाया जाता है। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन का सिद्धांत स्थापित हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि गिरिडीह के औद्योगिक क्षेत्रों में आज भी मजदूरों का शोषण जारी है। फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है और मजदूरों से लंबे समय तक काम कराया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाएं और मौतें हो रही हैं।
मौके पर मेयर प्रमिला मेहरा ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समाज को बांटने का काम कर रही है। उन्होंने चार नए लेबर कोड को “काला कानून” बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। साथ ही महिला मजदूरों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल और समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमिला मेहरा ने की, जबकि संचालन प्रीति भास्कर ने किया। इस अवसर पर मधु वर्मा, मृदुला शर्मा, रेखा देवी, रूपा देवी, ललिता देवी, रूखसार, नेहा सिंह, तन्वी कोमल, गीता, कविता, गुड़िया समेत कई लोग उपस्थित रहे।