कल्पना-सुदिव्य ने पचंबा के जरीडीह में रखी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की नींव
पचंबा को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य, जहां भविष्य में विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित होंगे : सुदिव्य सोनू
शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा : कल्पना मुर्मू सोरेन
डीजे न्यूज, गिरिडीह : राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, गिरिडीह के निर्माण कार्य का शिलान्यास कार्यक्रम जरीडीह, पचम्बा में आयोजित किया गया। “शिक्षा से विकास, विकास से समृद्धि” की भावना को साकार करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि झारखंड अब शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा और गति के साथ आगे बढ़ रहा है। जरीडीह, पचम्बा स्थित प्रस्तावित परिसर में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में झारखंड सरकार के माननीय मंत्री, श्री सुदिव्य कुमार (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर एवं आवास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग) एवं माननीय विधायक गांडेय, श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन के कर कमलों से शिलान्यास संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री सुदिव्य कुमार तथा गांडेय विधायक गांडेय कल्पना मुर्मू सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सभी के सामूहिक प्रयासों, दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आज गिरिडीह में इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण का शिलान्यास संभव हो पाया है। उन्होंने इस पहल को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा के बढ़ते महत्व का प्रतीक बताया। उपायुक्त ने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि किसी भी क्षेत्र का समग्र विकास शिक्षा के सशक्त आधार पर ही संभव होता है। जब युवाओं को उनके ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध होती है, तो वे न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी सोच के साथ इस राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय की परिकल्पना की गई है, जो आने वाले समय में हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना केवल एक शैक्षणिक संस्थान का निर्माण नहीं है, बल्कि यह पूरे गिरिडीह जिले और आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक एवं बौद्धिक विकास का आधार बनेगी। इस संस्थान के स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा।
वहीं अपने संबोधन में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि झारखंड सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक तकनीकी शिक्षा उनके ही क्षेत्र में उपलब्ध हो, ताकि उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने की योजना पर कार्य कर रही है, जिससे झारखंड के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और अपने राज्य का नाम रोशन करें। उन्होंने यह भी कहा कि पचम्बा को एक “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जहां भविष्य में विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित होंगे। इससे न केवल गिरिडीह बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों को भी लाभ मिलेगा। मंत्री ने कहा कि माननीय विधायक महोदया, श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन जी के सतत प्रयासों और सहयोग से गिरिडीह जिले में विकास योजनाओं की एक नई लहर देखने को मिल रही है। यह पहल निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी और “शिक्षा से विकास, विकास से समृद्धि” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि गिरिडीह जिले के समग्र विकास में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका है। माननीय मुख्यमंत्री, श्री हेमंत सोरेन जी के प्रयासों से जिले में कई विकास योजनाएं तेजी से लागू हो रही हैं। इस महाविद्यालय के निर्माण से न केवल गिरिडीह जिले में तकनीकी शिक्षा को नई पहचान मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त होगा। यह शिलान्यास कार्यक्रम केवल एक भवन निर्माण की शुरुआत नहीं, बल्कि झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। आने वाले वर्षों में यहां भव्य इमारतों के साथ-साथ बड़े-बड़े सपने भी आकार लेंगे। पचम्बा को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है।
प्रस्तावित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय का परिसर लगभग 34.93 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जो अपने आप में एक विशाल और आधुनिक शैक्षणिक केंद्र होगा। इस परिसर में छात्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कुल सुपर बिल्ट-अप एरिया के अंतर्गत विभिन्न भवनों और सुविधाओं का समावेश किया गया है, जो इस संस्थान को एक संपूर्ण शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेगा। परिसर में छात्रों के आवास के लिए दो बालक छात्रावास (10285 वर्गमीटर) तथा बालिकाओं के लिए भी समान क्षमता का छात्रावास (10285 वर्गमीटर) बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त कैंटीन (611 वर्गमीटर), बालक मेस (611 वर्गमीटर) और बालिका मेस (611 वर्गमीटर) की व्यवस्था की जाएगी, जिससे छात्रों को बेहतर भोजन एवं रहने की सुविधाएं मिल सकें। शैक्षणिक गतिविधियों के लिए दो विशाल अकादमिक ब्लॉक (13538 वर्गमीटर) का निर्माण किया जाएगा, जिसमें आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और स्मार्ट लर्निंग सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही एक छात्र संसाधन केंद्र (3195 वर्गमीटर) स्थापित किया जाएगा, जहां छात्रों को अध्ययन, शोध एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त वातावरण मिलेगा। प्रशासनिक कार्यों के लिए एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक भवन (2134 वर्गमीटर) का निर्माण होगा, जबकि महाविद्यालय के प्रधानाचार्य के लिए 284 वर्गमीटर का आवास भी परिसर में ही बनाया जाएगा। शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए क्रमशः 3627 वर्गमीटर एवं 2635 वर्गमीटर के स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे, जिससे उन्हें कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिलेगी। तकनीकी शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए परिसर में तीन वर्कशॉप (प्रत्येक 206 वर्गमीटर) का निर्माण किया जाएगा, जहां छात्र व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा एक भव्य ऑडिटोरियम (3334 वर्गमीटर) का निर्माण होगा, जहां शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेलकूद की भी समुचित व्यवस्था की गई है। परिसर में एक इनडोर स्टेडियम (1805 वर्गमीटर) के साथ-साथ एक बास्केटबॉल कोर्ट, दो बैडमिंटन कोर्ट और दो वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण किया जाएगा। यह सुविधाएं छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अन्य आवश्यक सुविधाओं के अंतर्गत एक जनरल स्टोर एवं एटीएम (35 वर्गमीटर) तथा विद्युत आपूर्ति के लिए एक इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन (106 वर्गमीटर) का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे परिसर में रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों को सभी आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। कार्यक्रम के अंत में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता होगी, ताकि जल्द से जल्द छात्रों को इसका लाभ मिल सके।