नवपत्रिका आगमन के साथ महासप्तमी पूजा शुरू

Advertisements

नवपत्रिका आगमन के साथ महासप्तमी पूजा शुरू

डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद): कतरास राजबाड़ी स्थित सार्वजनिक पूजा समिति के द्वारा आयोजित चैती दुर्गा पूजा
से पूरे इलाके का माहौल भक्तिमय
हो उठा है। बुधवार को मंडप में नवपत्रिका आगमन के साथ  महासप्तमी की पूजा प्रारंभ हो गई। सुबह में भव्य ढोल ढाक व शोभा यात्रा के साथ नवपत्रिका लाने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु राजबाड़ी से कतरास हटिया स्थित राजा तालाब पहुंचे। पूरे विधि विधान और मंत्रोच्चारण के साथ माता को पालकी में विराजमान कर राजबाड़ी स्थित पूजा स्थल में लाया गया। जिसके बाद महासप्तमी की पूजा प्रारंभ हो गी।

चैती दुर्गा पूजा की महासप्तमी तिथि को मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। वे मां दुर्गा का सातवां और सबसे उग्र स्वरूप हैं, जिन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है, क्योंकि वे भक्तों को शुभ फल प्रदान करती हैं। ऐसा माना जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा से अकाल मृत्यु, भय, रोग और शत्रुओं का नाश होता है। जिन लोगों को अनजाना भय सताता है, मानसिक तनाव बना रहता है, उन लोगों को कालरात्रि की पूजा करनी चाहिए। धर्मशास्त्रों में इन्हें दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली और भय को दूर करने वाली देवी बताया गया है। भयंकर रूप होने के बावजूद, वे अपने भक्तों के लिए अत्यंत दयालु और कल्याणकारी हैं। संध्या में महाआरती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही प्रसिद्ध धुनुची नाच का आयोजन भी हुआ जिसे देखने के लिए दूर दराज से सैकड़ो श्रद्धालु आए थे। बताया गया कि धुनुची नाच पश्चिम बंगाल के सेतिया से आए ढाक कलाकारो द्वारा प्रदर्शित किया जाता रहा है। गुरुवार को भव्य रूप से महाअष्टमी की पूजा होगी जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं का जुटान होगा।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top