147 प्रतिभागियों को मिला कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, 32 प्रशिक्षुओं को रोजगार

147 प्रतिभागियों को मिला कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, 32 प्रशिक्षुओं को रोजगार

डीजे न्यूज, धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग द्वारा गुरुवार को टेक्समिन सेमिनार हॉल में स्किल सर्टिफिकेट डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के तहत संचालित असिस्टेंट माइन सर्वेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

समारोह में कुल 147 प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इनमें तीन माह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 85 प्रशिक्षु तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम में योगदान देने वाले 62 प्रशिक्षक शामिल रहे। प्रशिक्षण आईआईटी (आईएसएम) के फैकल्टी सदस्यों, तकनीकी अधिकारियों तथा भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और अन्य औद्योगिक विशेषज्ञों के सहयोग से कराया गया।

मुख्य अतिथि उप निदेशक प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत संचालित यह कार्यक्रम युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में आईआईटी (आईएसएम) की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संस्थान उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों को आगे भी बढ़ाता रहेगा।

माइनिंग इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. बी. एस. चौधरी ने कहा कि इस पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को आधुनिक माइन सर्वेक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण आईआईटी (आईएसएम), बीसीसीएल, एसबीआई तथा अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने दिया। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य ऐसे दक्ष पेशेवर तैयार करना है जो प्रशिक्षण पूरा करते ही उद्योगों में प्रभावी योगदान दे सकें।

कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में कक्षा आधारित अध्ययन के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों से जुड़ाव पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में आयोजित कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से 32 प्रशिक्षुओं को रोजगार मिल चुका है, जो प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उद्योगों में कुशल असिस्टेंट माइन सर्वेयर्स की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

प्रशिक्षु दीक्षा कुमारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आईआईटी (आईएसएम) में मिला प्रशिक्षण उनके तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाने में बेहद उपयोगी साबित हुआ। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें कोलकाता की एक कंपनी में कार्य करने का अवसर मिला है।

कार्यक्रम में डीन (इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप) प्रो. आलोक कुमार दास, संस्थान के फैकल्टी सदस्य, तकनीकी अधिकारी, उद्योगों के प्रतिनिधि, प्रशिक्षक, प्रशिक्षु तथा उनके अभिभावक उपस्थित थे। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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