शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने सरकार को घेरा

शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने सरकार को घेरा

डीजे न्यूज, धनबाद:
झारखंड विधानसभा के सचेतक सह धनबाद विधायक राज सिन्हा ने विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण एवं लंबे समय से लंबित मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार से स्पष्ट नीति, समयबद्ध कार्रवाई और युवाओं एवं शिक्षकों के हित में ठोस निर्णय लेने की मांग की।
विधायक ने कहा कि राज्य में विद्यालयों का उन्नयन तो किया जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप शिक्षकों के पदों का सृजन एवं पदस्थापन नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई उच्च विद्यालयों को +2 विद्यालयों में उत्क्रमित किए जाने के बावजूद आवश्यक शिक्षक पदों का सृजन और नियुक्ति नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उत्क्रमित +2 विद्यालयों में आवश्यकतानुसार नए शिक्षक पदों का सृजन कर शीघ्र नियुक्ति एवं पदस्थापन किया जाए।

334 अभ्यर्थियों की नियुक्ति में विलंब पर उठाया सवाल

राज सिन्हा ने वर्ष 2023 की स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित 334 अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र सत्यापन के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया लंबित रहने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ इस प्रकार की अनिश्चितता न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि संबंधित चयन प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ाते हुए योग्य 334 अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति पत्र दिया जाए, ताकि युवाओं को रोजगार के साथ विद्यालयों को भी आवश्यक शिक्षक मिल सकें।

+2 विद्यालयों में शिक्षक पदों का सृजन और नियुक्ति हो

विधायक ने राज्य में उच्च विद्यालयों को +2 विद्यालयों में उत्क्रमित किए जाने के बाद उत्पन्न शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केवल विद्यालय को उत्क्रमित कर देना पर्याप्त नहीं है। विषयवार शिक्षक उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि उत्क्रमित विद्यालयों में आवश्यकतानुसार माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के पदों का सृजन कर नियमित नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
कोयलांचल के बीएड शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों के साथ भेदभाव समाप्त हो

राज सिन्हा ने विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद के अंतर्गत आने वाले बीएड महाविद्यालयों का मुद्दा भी विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि कोयलांचल क्षेत्र के बीएड संस्थानों में वर्षों से पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है, लेकिन शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) तथा अन्य सेवा सुविधाओं से जुड़े मामलों में गंभीर विसंगतियां बनी हुई हैं।
उन्होंने मांग की कि संबंधित महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों के हितों की रक्षा करते हुए समान एवं सम्मानजनक सेवा शर्तें, वेतनमान, EPF तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

बीएड विद्यार्थियों की फीस में विसंगति दूर हो

विधायक ने विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय एवं संबंधित महाविद्यालयों में संचालित बीएड पाठ्यक्रमों की शिक्षण फीस में अंतर का विषय भी उठाया।
उन्होंने कहा कि एक ही प्रकार के व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों से अलग-अलग शुल्क लिया जाना विद्यार्थियों के लिए आर्थिक बोझ और असमानता का कारण बन रहा है। सरकार एवं विश्वविद्यालय स्तर पर आवश्यक पहल करते हुए बीएड पाठ्यक्रम की फीस में व्याप्त विसंगतियों को दूर कर विद्यार्थियों के हित में एक समान एवं तर्कसंगत शुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राज सिन्हा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को घोषणाओं नहीं, ठोस फैसलों की जरूरत
राज सिन्हा ने कहा कि झारखंड के विद्यार्थियों और युवाओं का भविष्य किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही या निर्णय में देरी का शिकार नहीं होना चाहिए। विद्यालयों का उत्क्रमण हो, शिक्षकों की नियुक्ति हो, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों का भविष्य हो अथवा उच्च शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों और शिक्षकों के अधिकार—हर स्तर पर सरकार को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड के युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों के अधिकारों के लिए विधानसभा से लेकर सड़क तक उनकी आवाज मजबूती से उठती रहेगी।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top