कोयला मजदूरों के अधिकारों को लेकर आंदोलन तेज, 12वें वेतन समझौते की कमेटी गठन की मांग

कोयला मजदूरों के अधिकारों को लेकर आंदोलन तेज, 12वें वेतन समझौते की कमेटी गठन की मांग

जेल भरो अभियान को मिला व्यापक समर्थन : उमाशंकर चौहान

डीजे न्यूज, तिसरा, धनबाद : संयुक्त केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 11वें जेबीसीसीआई समझौते के लंबित प्रावधानों के पूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन, कोयला कर्मियों के अधिकारों व सुविधाओं को सुनिश्चित करने तथा 12वें वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तत्काल कमेटी गठन की मांग को लेकर 10 अगस्त 2026 को बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। वहीं सीटू एवं किसान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित जेल भरो अभियान को भी व्यापक समर्थन मिला।

इस अवसर पर झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन, बीसीसीएल प्रक्षेत्र के जोनल अध्यक्ष उमाशंकर चौहान ने आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले श्रमिक साथियों, क्षेत्रीय एवं शाखा पदाधिकारियों, सदस्यों, संगठित एवं असंगठित मजदूरों, किसान साथियों, रैयत-विस्थापितों तथा समर्थकों के प्रति आभार जताया।

चौहान ने कहा कि यह संघर्ष केवल किसी एक वर्ग की मांग नहीं, बल्कि कोयला मजदूरों के सम्मान, अधिकार, न्यायपूर्ण वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण संघर्ष है। 11वें जेबीसीसीआई समझौते के लंबित प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन और 12वें वेतन समझौते के लिए तत्काल कमेटी का गठन श्रमिक हित में बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि 10 अगस्त के आंदोलन ने स्पष्ट कर दिया है कि कोयला मजदूर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित हैं। मजदूरों ने लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को मजबूती के साथ सरकार और प्रबंधन के समक्ष रखा है।

जोनल अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगी। जब तक 11वें जेबीसीसीआई समझौते के लंबित प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन और 12वें वेतन समझौते के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू नहीं होती, संगठन मजदूरों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा।

उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी क्षेत्रीय एवं शाखा पदाधिकारियों, सदस्यों, संगठित-असंगठित मजदूरों, रैयत-विस्थापितों और किसान साथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह आंदोलन मजदूरों की एकजुटता, संघर्षशीलता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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