युवाओं के अडिग संकल्प तथा त्याग का परिणाम है शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: माकपा
डीजे न्यूज, रांची: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष करने वाले देश के छात्रों और युवाओं को बधाई दी है। प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के कारण 22 छात्रों की दुखद आत्महत्याएँ हुई थीं। पार्टी के राज्य कमेटी की ओर से प्रकाश विप्लव ने कहा कि
यह जीत देश के छात्रों और युवाओं के अडिग संकल्प तथा उनके द्वारा दिए गए त्याग के बिना संभव नहीं थी। समाज के विभिन्न वर्गों ने भी उनका समर्थन किया। केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज और अन्य दमनात्मक उपाय अपनाए जाने के बावजूद आंदोलनकारियों ने अपना संघर्ष जारी रखा। युवाओं द्वारा प्रदर्शित साहस और दृढ़ता भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
माकपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने का स्वागत करती है। किंतु इसके साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भी भंग किया जाना चाहिए। जो बार-बार होने वाले प्रश्नपत्र लीक के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। माकपा अपनी इस मांग को दोहराती है कि परीक्षाओं का विकेंद्रीकरण किया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020, जिसके मूल में शिक्षा का व्यावसायीकरण, केंद्रीकरण और सांप्रदायिकीकरण है, उसे भी रद्द किया जाना चाहिए। जब तक ये कदम नहीं उठाए जाते, प्रश्नपत्र लीक और छात्रों के साथ होने वाले अन्याय का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र और युवा आंदोलन इन मांगों को लेकर आगे भी अभियान चलाएंगे और संघर्ष करेंगे, क्योंकि इनका सीधा संबंध उनके भविष्य से है।