साइबर ठगों की कमाई का रास्ता बंद करेगी धनबाद पुलिस, अब पैसों के पूरे नेटवर्क पर नजर
डीजे न्यूज, धनबाद: साइबर अपराधी भले ही मोबाइल नंबर बदल लें, आईपी एड्रेस छिपा लें और डिजिटल पहचान मिटाने की कोशिश करें लेकिन ठगी के पैसों का रास्ता छिपाना उनके लिए अब आसान नहीं होगा। धनबाद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी रणनीति में एक और अहम कड़ी जोड़ते हुए ठगी की रकम के पूरे वित्तीय नेटवर्क को निशाने पर लिया है।
साइबर ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते तक पहुंचाने वाले म्यूल बैंक अकाउंट की पहचान और उस पर तत्काल कार्रवाई को लेकर पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।
एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर चल रहे विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को पुलिस लाईन में ग्रामीण एसपी ने जिले के सभी सीएसपी यानी कस्टमर सर्विस पॉइंट के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
ग्रामीण एसपी मो. एस याकूब ने सभी सीएसपी के साथ म्यूल अकाउंट, अचानक होने वाले बड़े वित्तीय लेनदेन, नए खातों में असामान्य ट्रांजैक्शन और कम समय में कई खातों में रकम के हस्तांतरण जैसे पैटर्न पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में नए बैंक खातों के फिजिकल वेरिफिकेशन, मोबाइल नंबर के सही सत्यापन और असामान्य तरीके से खोले जा रहे खातों की निगरानी पर भी विशेष जोर दिया गया।
ग्रामीण एसपी ने बताया कि धनबाद के बॉर्डर इलाके गिरिडीह, जामताड़ा जैसे क्षेत्र से फर्जी सिम कार्ड खरीदना, उसे साइबर फ्रॉड के लिए बेच देना, ऐसे नेटवर्क का भी पता पुलिस को चला है। उस नेटवर्क को ध्वस्त करने वैसे दुकानों को ब्लैक लिस्ट करने का भी कार्य हो रहा है जहाँ से फर्जी सिमकार्ड बेचा जा रहा है।