विश्व धरोहर स्थल पर्यटन ही नहीं, देश की विविधता और इतिहास भी दर्शाते हैं : प्रो अविनाश कुमार

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विश्व धरोहर स्थल पर्यटन ही नहीं, देश की विविधता और इतिहास भी दर्शाते हैं : प्रो अविनाश कुमार

 

डिग्री कॉलेज टुंडी में भारत के विश्व धरोहर स्थलों का सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व विषय पर संगोष्ठी आयोजित

डीजे न्यूज, टुंडी, धनबाद : विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर डिग्री कॉलेज टुंडी में भारत के विश्व धरोहर स्थलों का सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति जागरूक करना था।

सेमिनार की शुरुआत माटी के लाल बिनोद बिहारी महतो के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं स्वागत भाषण के साथ हुई। प्राचार्य डॉ इंद्रजीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की धरोहरें केवल ऐतिहासिक स्मारक नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सभ्यता, परंपरा और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. अविनाश कुमार ने भारत के विभिन्न विश्व धरोहर स्थलों जैसे किले, मंदिर, स्मारक और प्राकृतिक स्थलों के सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व पर पीपीटी के द्वारा विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया, ये स्थल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि देश की विविधता और समृद्ध इतिहास को भी दर्शाते हैं। मानवता का सामूहिक हित इसमें निहित है।

यह कार्यक्रम महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। मंच संचालन डॉ. रानी हेम्ब्रम के द्वारा किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारीगण और अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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