सिजुआ भू-धंसान: शव के साथ सिजुआ क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन
30 लाख मुआवजे की मांग, सिजुआ स्टेडियम के बरामदे में रहने को मजबूर हैं प्रभावित
डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद): धनबाद जिला के जोगता थाना क्षेत्र अंतर्गत सिजुआ मोड़ स्थित तीन पटिया टोला में मंगलवार को हुए भू-धंसान की घटना के बाद बुधवार को मृत बच्चे के परिजन व ग्रामीण शव के साथ तेतुलमारी स्थित बीसीसीएल एरिया-5 कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन शुरू कर वहीं धरना पर बैठ गए। वे मृतक के आश्रित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
30 लाख मुआवजा और पुनर्वास की मांग
मृतक के परिजन और स्थानीय लोग बीसीसीएल प्रबंधन से मृत बच्चे के आश्रित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा, प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास तथा भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जब तक प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां रह रहे लोगों की जान पर खतरा बना रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है
बताया जा रहा है कि मंगलवार को हुए भू-धंसान की चपेट में आने से गुड्डू भुइयां के पुत्र की मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया।
स्टेडियम बना आसियाना
घटना के बाद भू-धंसान प्रभावित परिवारों को उनके घरों से हटाकर सिजुआ स्टेडियम के बरामदे में पर्दे लगाकर रहने को मजबूर किए जाने की बात सामने आई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें सुरक्षित और स्थायी स्थान पर पुनर्वास की जरूरत है। बरामदे में रहने की व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से कोयला खनन के कारण जमीन के धंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके बावजूद प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास और सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
भू-धंसान की लगातार हो रही घटनाओं के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक सिजुआ और आसपास के इलाकों के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर रहेंगे?