संस्थागत प्रसव में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, बेहतर काम करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन : उपायुक्त रामनिवास यादव
डीजे न्यूज, गिरिडीह : समाहरणालय सभाकक्ष में बुधवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इसमें जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत चल रहे कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाले कार्यों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रक्त केंद्र सदर अस्पताल के संचालन की समीक्षा के दौरान रक्त संग्रहण, आवश्यक संसाधनों और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानकारी ली गई। उन्होंने रक्त केंद्र की कार्यप्रणाली को सुचारू रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
संस्थागत प्रसव की मासिक समीक्षा का निर्देश
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने सहिया कर्मियों के क्षेत्रवार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और संस्थागत प्रसव की प्रगति की मासिक समीक्षा करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, जबकि बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए सिविल सर्जन और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिल रही सुविधाओं तथा अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मौके पर सिविल सर्जन, अस्पताल उपाधीक्षक, जिला आरसीएच पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, एनएचएम समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।