संशोधन अधिनियम के खिलाफ झामुमो ने बनाई आंदोलन की रणनीति
07 सितंबर को प्रखंड व निगम में धरना-प्रदर्शन
डीजे न्यूज, धनबाद: झामुमो की बैठक गुरुवार को जिला कार्यालय कुर्मीडीह में उपाध्यक्ष मुकेश सिंह की अध्यक्षता में हुई। संचालन जिला सचिव मन्नू आलम कर रहे थे। बैठक में झारखंड सरकार के मुख्य सचेतक सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो उपस्थित रहे।
बैठक में केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम के खिलाफ पंचायत स्तर तक व्यापक जनआंदोलन चलाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि झामुमो कार्यकर्ता गांव-गांव और पंचायत-पंचायत पहुंचकर आम जनता को अधिनियम के संभावित प्रभावों एवं झारखंड के हितों पर पड़ने वाले असर के प्रति जागरूक करेंगे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 30 अगस्त को सभी प्रखंड एवं नगर स्तर पर बैठक आयोजित कर आंदोलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। 31 अगस्त से जिले की प्रत्येक पंचायत में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। वहीं 7 सितंबर को सभी प्रखंडों एवं नगर क्षेत्रों में विशाल विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और यहां के लोगों के भविष्य से जुड़ा विषय है। केंद्र सरकार द्वारा यदि ऐसे कानून बनाए जाते हैं, जिनसे राज्यों के अधिकार और झारखंड की जनता के हित प्रभावित होते हैं, तो झामुमो उसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि “यह लड़ाई झारखंड के अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। कार्यकर्ता पंचायत-पंचायत जाकर जनता को जागरूक करें और 7 सितंबर के विरोध-प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाएं। झारखंड की खनिज संपदा और राज्य के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिला उपाध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा कि “झारखंड ने हमेशा देश के विकास के लिए अपने प्राकृतिक संसाधन दिए हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि झारखंड के संसाधनों पर पहला हक झारखंड की जनता का सुनिश्चित हो। केंद्र सरकार की नीतियों से यदि राज्य के अधिकार और आम जनता के हित प्रभावित होते हैं, तो झामुमो का एक-एक कार्यकर्ता मजबूती से आवाज उठाएगा। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त से शुरू होने वाला जनजागरण अभियान केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का अभियान होगा। पंचायत स्तर पर कार्यकर्ता घर-घर और गांव-गांव पहुंचेंगे। इसके बाद 7 सितंबर को प्रखंड एवं नगर स्तर पर होने वाला विरोध-प्रदर्शन केंद्र सरकार तक झारखंड की जनता की मजबूत आवाज पहुंचाएगा।
जिला सचिव मन्नू आलम ने कहा कि “झामुमो हमेशा से जल, जंगल, जमीन और झारखंड के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आया है। खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2026 के खिलाफ आंदोलन को जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि झारखंड के प्रत्येक गांव तक इस कानून के प्रभावों की जानकारी पहुंचे। झामुमो इस आंदोलन को पूरी ताकत और एकजुटता के साथ सफल बनाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि “संगठन की ताकत तभी दिखाई देती है, जब कार्यकर्ता जमीन पर जनता के बीच मजबूती से खड़े हों। इसलिए सभी साथी पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ आंदोलन की तैयारी में जुट जाएं। पार्टी कार्यकर्ता आम जनता के बीच जाकर कानून के प्रावधानों और उसके संभावित प्रभावों की जानकारी देंगे तथा झारखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाएंगे।
मौके पर केंद्रीय सदस्य रमेश टुडू, जग्गू महतो, क़ाज़ी सिराज अहमद, सुखलाल मरांडी, तस्लीम अंसारी, डब्लू महाथा, पूर्व मेयर चंद्र शेखर अग्रवाल,जिला उपाध्यक्ष अजय रवानी, अकबर अंसारी, कालीचरण महतो, जिला प्रवक्ता समीर रवानी, गुलाम कुरैशी, सह सचिव तपन तिवारी, रंजीत महतो, श्रवण टुडू, महेश मुर्मू, संगठन सचिव मनोज महतो, राज आनंद सिंह, कोषाध्यक्ष किशोर मुर्मू, महानगर अध्यक्ष मंटू चौहान, उपाध्यक्ष मिहिर दत्ता, टिंकू सरकार, यूनियन के जोनल उपाध्यक्ष रतिलाल टुडू, मिराज खान, महिला मोर्चा अध्यक्ष मीना हेम्ब्रम, उपाध्यक्ष हसीना खातून, प्रेमा पांडे, हरिस सिंह, आज़ाद महतो, अजीमुद्दीन अंसारी, राजू हाड़ी, मुन्ना साह, धीरन रवानी, मनजुड़ा मरांडी, गिरिलाल किस्कू, सन्नी सोरेन, फुलचांद किस्कू, लालचंद महतो, रामनाथ सोरेन, हैदर अली, निर्मल रजवार, राजेंद्र हेंब्रम, जलेश्वर मुर्मू, फरिद मल्लीक, मदन राम, दिलीप महतो, मंसूर अंसारी, मदन महतो, अनवर, रितिक सिंह, रमेश महतो, सुनील बाउरी, अजय कुमार दुबे, ईश्वर महतो, कुणाल पांडे, रमेश सोरेन, अताउर रहमान, नईम अंसारी, राजा अंसारी, शिवलाल मुर्मू, तौफीक खान, रंजीत हेंब्रम, संतोष हेंब्रम, कुलदीप महतो, विजय महतो, सहजाद अंसारी, सुनील पासवान, विकास महतो, सुमित महतो, सोनू कुमार, कृष्णा मंडल, जितेंद्र पासवान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।