पीरटांड़ में जल-नल योजना फेल, करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं मिल रहा पानी
टंकी बनी, पाइपलाइन गायब-ग्रामीणों को अब भी चापाकल का सहारा
डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह) : पीरटांड़ प्रखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी जल-नल योजना का हाल बेहाल नजर आ रहा है। क्षेत्र में सैकड़ों जलमीनार (टंकी) का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन अधिकांश जगहों पर यह योजना धरातल पर फेल साबित हो रही है। कहीं जलमीनार बंद पड़ी हैं, तो कहीं चालू होने के कुछ ही दिनों बाद व्यवस्था ठप हो गई है।
कई गांवों में तो केवल जलमीनार बनाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई है, लेकिन पाइपलाइन के जरिए घर-घर पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं की गई। खुखरा पंचायत क्षेत्र के महेश डूबा और तुईयों गांव में इसकी स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। यहां एक-दूसरे के करीब कई जलमीनार बने हुए हैं, लेकिन एक भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।
महेश डूबा गांव में जलमीनार गांव से काफी दूर बनाया गया है। कुछ दिन पहले इसे चालू तो किया गया, लेकिन अब तक गांव के घरों तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इससे स्थानीय लोगों को योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों में इसको लेकर नाराजगी है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि जल-नल योजना से बेहतर उनके लिए घर के पास लगे चापाकल ही साबित हो रहे हैं, जिनसे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो रही हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर योजना को सुचारु रूप से चालू कराने की मांग की है, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल का लाभ मिल सके।