लोदना में कार्ल मार्क्स की जयंती में श्रमिक एकता पर जोर
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : यमुना सहाय मेमोरियल सोसायटी स्मृति भवन, लोदना में मंगलवार को महान दार्शनिक, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री और लेखक कार्ल मार्क्स की 208वीं जयंती मनाई गई। सबसे पहले उनके तस्वीर पर सिंदरी ठेका मजदूर यूनियन के अध्यक्ष काली सेनगुप्ता ने माला अर्पण किया।
इस दौरान इन्कलाब जिंदाबाद, कार्ल मार्क्स अमर रहें, मार्क्सवाद जिंदाबाद जैसे नारे लगाए गए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बीते समय में जब एक इंसान द्वारा दूसरे इंसान का शोषण किया जाता था और पूंजीवाद अपने चरम पर था, तब लोग इसे अपनी किस्मत मानकर सह रहे थे। ऐसे समय में 5 मई 1818 को कार्ल मार्क्स का जन्म हुआ, जिन्होंने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई।
वक्ताओं ने बताया कि कार्ल मार्क्स एक महान दार्शनिक, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री और लेखक थे। उन्होंने शोषण से मुक्ति के लिए कई किताबें लिखीं। फ्रेडरिक एंगेल्स के साथ मिलकर उन्होंने 1848 में कम्युनिस्ट घोषणा पत्र लिखा और ‘दास कैपिटल’ के माध्यम से पूंजीवाद के खिलाफ वर्ग संघर्ष की नींव रखी।
बताया गया कि यहूदी परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया और पत्रिका संपादन का कार्य भी किया। उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय गरीबी में बिताया, लेकिन वैचारिक संघर्ष जारी रखा। मार्क्स ने श्रमिक एकता का नारा दिया और पूंजीवाद को श्रमिकों के शोषण का कारण बताया।
कार्यक्रम में काली सेनगुप्ता, सुरेश प्रसाद गुप्ता, रमेशचंद्र प्रसाद, सुरेंद्र पासवान, कुंदन पासवान, यदु पासवान, मधुसूदन बैनर्जी, सुरेश भुईया ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर रामप्रवेश पासवान, सिंकू चटर्जी, सुरेंद्र पासवान, शिवा बाउरी, दिवाकर जैन, चन्दन पासवान, दारा बाउरी, अजीत बाउरी, अजीत दास, बब्लू कुमार, दीनानाथ यादव, कपिल पासवान, रंजीत यादव, महेश पासवान, मुन्ना खान, कैलाश पंडित सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।