पीरटांड़ में हाथियों का कहर, रातभर दहशत में रहे ग्रामीण
32 हाथियों का झुंड अलग-अलग गांवों में मचा रहा उत्पात, बाउंड्री तोड़ने के साथ फसलों को रौंदा
डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह) : पीरटांड़ प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। करीब 32 हाथियों का झुंड अलग-अलग समूहों में बंटकर गांवों और खेतों में पहुंच रहा है। हाथियों ने कई जगह बाउंड्री तोड़ने के साथ धान, मकई, अरहर, भिंडी समेत अन्य फसलों को रौंद दिया है। लगातार हो रहे नुकसान से ग्रामीणों में दहशत है और रात होते ही लोग रतजगा करने को मजबूर हैं।
बुधवार की रात करीब नौ बजे हाथियों का झुंड पालगंज गांव में घुस गया। यहां राजकुमार सिंह की बाउंड्री तोड़ने के साथ धान और मकई की फसल को नुकसान पहुंचाया गया। इससे करीब 60 हजार रुपये की क्षति का अनुमान है। सरिता देवी की मकई की फसल को करीब 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ। नुनेश्वर सिंह की बारी की बाउंड्री तोड़ने के साथ मकई, अरहर और भिंडी की फसल बर्बाद कर दी गई, जिससे करीब 50 हजार रुपये की क्षति बताई गई है।
बिंदेश्वर सिंह की पांच जगहों पर बाउंड्री तोड़ दी गई, जबकि रेखा देवी की फसल को भी हाथियों ने भारी नुकसान पहुंचाया। यहां करीब एक लाख रुपये की क्षति का अनुमान है। राजेंद्र सिंह की तीन जगहों पर बाउंड्री तोड़ने के साथ मीना देवी की अरहर और मकई की फसल भी बर्बाद कर दी गई।
शुभाष सिंह की तीन जगहों पर बाउंड्री तोड़ने से करीब 50 हजार रुपये का नुकसान बताया गया है। महेंद्र सिंह की भी तीन जगहों पर बाउंड्री क्षतिग्रस्त की गई। इसके अलावा यशवंत सिंह की मकई व लाहर की फसल, श्री प्रसाद राम की बाउंड्री, टीका राय की मकई तथा पंकज सिंह की बाउंड्री को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया।
पाण्डेयडीह में भी मचाया उत्पात
हाथियों का झुंड पाण्डेयडीह क्षेत्र के पथलगढ़वा पहुंचा और वहां भी जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने चार घरों के साथ खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड अलग-अलग समूहों में घूम रहा है, जिससे उनकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो रहा है और खतरा लगातार बना हुआ है।
वन पहरी जंगल में मौजूद है झुंड
वन विभाग के अनुसार फिलहाल हाथियों का झुंड पालगंज क्षेत्र के वन पहरी जंगल में मौजूद है। जंगल से सटे गांवों के ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी फिर आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर सकते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, उन्हें गांवों से दूर रखने और प्रभावित किसानों की फसल व संपत्ति के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही हाथियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर और क्षेत्र में पर्याप्त निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।