पीरटांड़ में चिड़ियाघर निर्माण का विरोध
दूधनिया गांव के ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, बोले- विस्थापन से छिन जाएगी रोजी-रोटी
डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह) : पीरटांड़ प्रखंड में प्रस्तावित चिड़ियाघर के निर्माण को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। चिड़ियाघर निर्माण से विस्थापित होने वाले लोगों के साथ सबसे अधिक चिंता दूधनिया गांव के ग्रामीणों में है। बुधवार को गांव के सैकड़ों लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष चिड़ियाघर निर्माण का विरोध जताया। विरोध की दिशा में इसे ग्रामीणों का पहला कदम बताया जा रहा है।
स्थानीय पंचायत समिति सदस्य जागो रजक के नेतृत्व में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में पूर्व प्रमुख सिकंदर हेंब्रम, भोला वर्मा समेत अन्य लोग शामिल हुए। ग्रामीणों की ओर से मांडू हांसदा ने अपनी बातें रखीं।
ग्रामीणों ने कहा कि कुम्हरलालो पंचायत अंतर्गत कठवारा में जैव विविधता पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। इसी के सामने चिड़ियाघर बनाए जाने की योजना है। इसके लिए राज्य सरकार की स्वीकृति मिलने की बात कही जा रही है। जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी की ओर से भी चिड़ियाघर निर्माण की घोषणा की जा चुकी है।
ग्रामीणों ने कहा कि चिड़ियाघर का निर्माण होने पर दूधनिया गांव के लोगों के सामने विस्थापन का संकट उत्पन्न हो जाएगा। गांव के लोगों का कहना है कि विस्थापन के साथ उनके खेत-खलिहान भी छिन जाएंगे। इससे ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि संथाल समाज का जीवन जंगल और जमीन से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि गांव और जमीन से ही उन्हें हटा दिया गया तो वे कहां जाएंगे।
बैठक में ग्रामीणों ने प्रस्ताव पारित कर चिड़ियाघर को दूधनिया गांव एवं आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर अन्यत्र बनाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्य का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए स्थानीय लोगों को विस्थापित करना उचित नहीं है। चिड़ियाघर निर्माण से पहले ग्रामीणों की समस्याओं, आपत्तियों और विस्थापन के संभावित प्रभावों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की गई।
बैठक में लखीराम मुर्मू, सोनाराम मुर्मू, हीरालाल सोरेन, महादेव हांसदा, अंदरयास मुर्मू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।