नौकरी बेचने वालों को झारखंड में पनपने नहीं देंगे : देवेंद्रनाथ महतो
भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ जामताड़ा पहुंची
डीजे न्यूज, जामताड़ा : भर्ती व्यवस्था में सुधार और नौकरी में कथित धांधली के खिलाफ देवेंद्रनाथ महतो की ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ गुरुवार को जामताड़ा पहुंची। यात्रा के चौथे दिन सातवें जिले के रूप में जामताड़ा पहुंचे महतो ने हाथ में संविधान की किताब और तिरंगा लेकर पसोई चौक से इंदिरा चौक तक पैदल मार्च किया। इंदिरा चौक पर छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की और सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
महतो ने कहा कि यह लड़ाई गरीबों, छात्रों और उनके माता-पिता के सपनों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि मां-बाप अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मेहनत करते हैं और उनके सपनों को बिकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में सरकार को कई परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा तथा कई परीक्षाओं की जांच और अन्य कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, “हम 24 जिले, 24 संकल्प और एक आवाज लेकर निकले हैं। नौकरी नहीं बिकने देंगे और नौकरी में धांधली नहीं होने देंगे।” उन्होंने झारखंड में झारखंडी युवाओं को प्राथमिकता के साथ रोजगार देने तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। अभय तिवारी को लेकर महतो ने मंच से बेहद आपत्तिजनक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कथित तौर पर उन्हें ‘नौकरी बेचने वाला दलाल’ बताते हुए जान से मारने और फांसी पर लटकाने जैसी धमकी दी। हालांकि, ऐसे बयानों को लेकर उन्होंने सरकार पर कार्रवाई नहीं करने की स्थिति में छात्रों द्वारा आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी। महतो ने कहा कि भर्ती व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो छात्र आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन बंदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में दलाली और अनियमितता की परंपरा को समाप्त करना होगा। यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हर घर, हर मां-बाप और छात्र के भविष्य से जुड़ा है।
जामताड़ा में कार्यक्रम समाप्त करने के बाद देवेंद्रनाथ महतो अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए दुमका की ओर रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि 24 जिलों की यात्रा पूरी करने के बाद भी यदि सरकार भर्ती व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।