मुनीडीह वाशरी हादसा: जाको राखे साइयां मार सके न कोय,,,, भुक्तभोगी सुनीता ने बयां की स्लरी हिप धंसने की घटना

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मुनीडीह वाशरी हादसा: जाको राखे साइयां मार सके न कोय,,,,

भुक्तभोगी सुनीता ने बयां की स्लरी हिप धंसने की घटना

डीजे न्यूज, धनबाद: बीसीसीएल के मुनीडीह कोल वाशरी में ट्रकों में स्लरी लोड करने के दौरान शनिवार शाम हुई हादसे की शिकार होने से बचीं असंगठित मजदूर सुनीता ने घटना की आंखों देखी हाल बयां की।
आइए स्लरी हिप धंसने की घटना सुनीता की जुबानी सुनते हैं,,,,।
मृत चार मजदूरों के साथ वह भी मलबे में दब गई। वहां काम कर रहे अन्य मजदूर भाग निकले। उसकी शरीर गर्दन तक स्लरी में धंसी हुई थी, फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। शोर मचाते हुए किसी तरह शरीर को मलबे से बाहर निकालने का प्रयास करने लगी। तब तक
शंकर गोराई, छोटू दास, भुनेश्वर दास सहित काफी संख्या में स्थानीय लोग मदद में लग गए
और उसे बाहर निकाला।

तीन दंगल कर रहे थे काम
पीड़ित सुनीता ने बताया कि घटना के समय तीन दंगल के मजदूर ट्रकों में स्लरी लोड करने का काम कर रहे थे। शाम पांच बजे अचानक स्लरी का हिप पड़ी गेलो। सुनीता ने घटना के लिए डीओ होल्डर के ट्रांसपोर्टर  सुनील पासवान को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि कई बार मुंशी से कहलियो कि ऊपर से स्लरी कभी भी धंस सकता है, लेकिन मुंशी उल्टे बोलने लगा कि दूसरा तरफ अच्छा माल नही है। इसी गढ्ढे से निकालो, नही तो पैसा नही देंगे। पीओ को भी पहले से जानकारी दी गयी थी, लेकिन जबरन असुरक्षित स्थान से स्लरी लोड कराया जा रहा था। कुछ दिनों से बरसात होने से स्लरी का ऊंचा स्टॉक ढीला पड़ गया था।

मृतकों में ये हैं शामिल
दिनेश बाउरी, मानिक बाउरी (गोपीनाथडीह), हेमलाल गोप उर्फ मायरा (रूदी कपूरिया), दीपक बाउरी (समशिखरा) शामिल हैं।

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