मुखौटा निर्माण की कला से वाकिफ हुए कलाकार
नाट्य कला और अभिनय एक साधना है: प्रशिक्षक
डीजे न्यूज, धनबाद : थिएटर और कैमरा एक्टिंग वर्कशाप रंगशाला में मंगलवार को धनबाद के युवाओं ने सस्ती चीजों से विभिन्न प्रकार का मुखौटों का निर्माण करना सीखा। रांची से आए नाट्य कलाकार ऋषिकेश लाल ने प्लास्टर आफ पेरिस और सादी पट्टी का उपयोग कर कई प्रकार के मुखौटा बनाने का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने भी मुखौटा बनाया। द ब्लैक पर्ल्स धनबाद, आल इंडिया कल्चरल काउंसिल वाराणसी और रंग संस्कार थिएटर ग्रुप अलवर के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में प्रशिक्षक लाल ने बताया कि मुखौटा को सुखने में महज 15-20 मिनट का समय लगता है। इसके बाद कलाकार अपनी आवश्यकता अनुसार इसे रंग कर इसका उपयोग कर सकते हैं।
लाल ने बताया कि नाट्य कला अथवा अभिनय एक साधना है। जो यह सोचते हैं कि वे तुरंत ही अभिनय करना सीख गए हैं, तो वे गलतफहमी में हैं। इसके लिए उन्हें लगातार प्रशिक्षण लेने की जरूरत है। प्रशिक्षण के दौरान मौजूद बांग्ला फिल्म अभिनेत्री मोनालीसा दास ने कहा कि सीखने की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने बताया कि वे पहले भी धनबाद आ चुकी हैं, लेकिन नाट्य कला और अभिनय से जुड़े विभिन्न विषयों पर पहली बार वर्कशाप आयोजित हुई है। इस दौरान विशिष्ठ अतिथि के रूप में कांग्रेस नेता वैभव सिन्हा मौजूद थे। उन्होंने मुखौटा निर्माण और विभिन्न तरह के मेकअप को देखा और कहा कि यह धनबाद के लिए अच्छी बात है कि यहां संस्कृति और कला दोनों अब भी जीवंत हैं। कार्यक्रम के दौरान संयोजिका शारदा गिरी, सहयोगी राम प्रवेश, श्याम लाल, संजय माली समेत काफी संख्या में प्रतिभागी मौजूद थे।