लिंडसे क्लब एंड लाइब्रेरी में बंग्ला भाषा एवं संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल

लिंडसे क्लब एंड लाइब्रेरी में बंग्ला भाषा एवं संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल

बच्चों के अर्धवार्षिक पत्रिका ‘समुद्दर’ का  लोकार्पण 30 अक्टूबर को

डीजे न्यूज, धनबाद: वर्ष 1910 में स्थापित लिंडसे क्लब एंड लाइब्रेरी, धनबाद इस अंचल के बंगाली सांस्कृतिक एवं साहित्यिक परिवेश में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। क्लब की ओर से बांग्ला भाषा, साहित्य और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

क्लब के इस प्रयास के तहत अप्रैल 2024 से आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान अध्यक्ष अमलेंदु सिन्हा तथा सचिव सलिल विश्वास के नेतृत्व में साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बच्चों की शिक्षा और व्यक्तित्व विकास में मातृ भाषा का अपरिसीम महत्व है, परंतु अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के होड़ में बंगाली बच्चें अपनी मातृभाषा से दूर होता जा रहा है। इसी क्रम में क्लब के शिशु शाखा आबोलताबोल’ का प्रारंभ किया गया है, जहां हर रविवार बच्चों को निशुल्क बांग्ला सिखाया जाता है। बच्चों में लेखन शैली और सृजनशीलता की भावना विकसित करने के लिए लिंडसे क्लब और लाइब्रेरी, धनबाद द्वारा बच्चों के अर्धवार्षिक पत्रिका ‘समुद्दर’ का प्रकाशन किया जा रहा है। इस पत्रिका का लोकार्पण 30 अक्टूबर को संध्या 7.00 बजे लिंडसे क्लब मंच पर युवा लेखक एवं साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित बिनोद घोषाल करेंगे। पत्रिका में बिनोद घोषाल के एक छोटी कहानी भी प्रकाशित होगी।

इसके अतिरिक्त बंग्ला शब्दों पर आधारित एक मनोरंजक शब्द खेल प्रतियोगिता इसका संचालन प्रसिद्ध रेडियो जॉकी तन्मय रॉयचौधरी करेंगे। वर्ड-प्ले’ का आयोजन भी किया जाएगा।

क्लब का उद्देश्य साहित्य, भाषा और मनोरंजन के माध्यम से विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद स्थापित करना तथा बंग्ला साहित्यिक तथा सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं समृद्ध करना है। आयोजकों ने साहित्य प्रेमियों, युवाओं और शहरवासियों से कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की है।

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