कतरास के सिजुआ में भू-धंसान से आधा दर्जन घर जमींदोज
मासूम की गई जान, आक्रोशित नागरिकों ने किया सड़क जाम
डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद): धनबाद पुलिस अनुमंडल के जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ दस नंबर मोड़ के समीप तीन पटिया धौड़ा में मंगलवार अहले सुबह हुई भीषण भू-धंसान की घटना ने इलाके को दहलाकर रख दिया। इस घटना में आधा दर्जन से अधिक मकान मलबे में तब्दील हो गया। इस दर्दनाक हादसे में एक मासूम बच्चे की जान चली गई, जबकि 6 से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में कोहराम मच गया। चीख-पुकार, दहशत से लोगों में आक्रोश का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलवार की अहले सुबह लगभग 5:30 बजे जब सब लोग अपने घरों में मौजूद थे, तभी अचानक जोर का धमाका हुआ और जमीन अंदर धंसने लगी। जब तक लोग कुछ समझ पाते, कई आशियाने जमींदोज हो गए। इस घटना में 4 बच्चे सहित एक व्यक्ति भी मलबे में दब गये। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना में एक बच्चे कि जान चली गई लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। भू-धंसान के बाद से इलाके में दहशत फैल गई है और लोग सुरक्षा की डर से अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हैं।
अवैध कोयला खनन है हादसे की वजह: शत्रुघ्न महतो
घटना की सूचना मिलने पर बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पूर्व में हुए अवैध कोयला खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो चुकी थी, जो इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बनी। ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि कोयला माफियाओं की कारगुजारियों के कारण आज निर्दोष लोगों को अपनी जान और घर गंवाने पड़ रहे हैं।
सड़क जाम
मासूम की मौत और घरों के उजड़ने से गुस्साए ग्रामीणों ने कतरास-करकेंद मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और जमकर प्रदर्शन किया। उग्र ग्रामीणों ने मांग की है कि घटना के दोषियों और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई के बजाय हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, बेघर हुए प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सुरक्षित आवास, उचित मुआवजा और स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। फिलहाल मौके पर तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से ठोस कदम उठाने की जिद पर अड़े हैं।