कोयला माफिया से मिलकर निरसा में एलिवेटेड रोड बनवाना चाहते हैं ढुलू महतो : अरुप चटर्जी 

कोयला माफिया से मिलकर निरसा में एलिवेटेड रोड बनवाना चाहते हैं ढुलू महतो : अरुप चटर्जी

निरसा के भाकपा माले विधायक ने भाजपा सांसद पर साधा निशाना, कहा-मांगें नहीं मानी गई तो नहीं होने देंगे काम

डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : सांसद ढुलू महतो कोयला माफिया के साथ मिलकर निरसा में एलिवेटेड रोड बनवाना चाहते हैं, जो नहीं होगा। जब तक वहां के स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा और एस-4 डीपीआर में दिए गए कार्य विवरण के अनुसार काम नहीं होगा, तब तक काम नहीं होने देंगे। पहले सांसद काम करके दिखाएं, फिर उसका श्रेय लेने की कोशिश करें। उक्त बातें निरसा के माले विधायक अरूप चटर्जी ने लोदना में बुधवार को भाकपा माले की ओर से आयोजित मिलन समारोह में कहीं।

उन्होंने कहा कि यदि सांसद ने धनबाद के विकास के लिए एक भी काम किया है तो बताएं। चाहे हवाई अड्डे का मामला हो, अस्पताल का मामला हो या ट्रेन शुरू कराने का, किसी भी मुद्दे पर वे दिल्ली में आवाज नहीं उठाते। केवल जो काम होता है, उसका श्रेय लेने का काम करते हैं। गोविंदपुर नागरिक समिति और निरसा नागरिक समिति के साथ मिलकर आंदोलन किया गया, तब दोनों जगहों पर एलिवेटेड रोड की योजना स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि सांसद केवल अनाप-शनाप बयानबाजी करते हैं। विकास से उनका कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा के लोग भी उनसे परेशान हैं। पता नहीं पार्टी उन्हें कैसे झेल रही है। कभी जयराम महतो, कभी मेयर संजीव सिंह तो कभी अनूप सिंह के बारे में उल्टा-सीधा बोलते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि एक ओर उनकी सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर उनके सांसद इस तरह के बयान देते हैं कि उनका बेटा नहीं है। जनता सब समझ रही है।

अरूप चटर्जी ने कहा कि लोदना क्रांतिकारियों की धरती है। यहां आज भी लाल झंडे के लोग संघर्ष कर रहे हैं। यदि लोदना के सभी लोग एकजुट हो जाएं तो झरिया विधानसभा पर कब्जा किया जा सकता है। इसलिए लाल झंडे के इस गढ़ को और मजबूत करना है। पानी की समस्या दूर करने, स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने तथा विस्थापन के सवाल पर संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान दावा किया गया कि सांसद ढुलू महतो के साथ रहने वाले 50 युवकों ने भाकपा माले का दामन थाम लिया। विधायक अरूप चटर्जी ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। जिला सचिव बिंदा पासवान ने कहा कि सांसद की भाषा अमर्यादित है। ऐसा लगता है कि संसद का सदस्य नहीं, बल्कि कोई टपोरी बोल रहा है। मौके पर विजय पासवान, तुलसी रवानी, सुभाष चटर्जी, अर्जुन निषाद, सपन पासवान, कामता पासवान, धीरेंद्र पासवान, दशरथ पासवान, उपेंद्र पासवान, परमेश्वर पासवान, रंजय पासवान, जैन नंदन पासवान, लालमोहन पासवान, चंदन, बबलू, सचिन, गोलू, सूरज सहित 50 से अधिक लोगों ने संगठन का दामन थामा।

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