कोई बच्चा स्वास्थ्य जांच से नहीं रहे वंचित : उपायुक्त रामनिवास यादव 

कोई बच्चा स्वास्थ्य जांच से नहीं रहे वंचित : उपायुक्त रामनिवास यादव 

विद्यालयवार हेल्थ स्क्रीनिंग की समीक्षा, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : डीसी

डीजे न्यूज, गिरिडीह : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीपीओ सहित संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में उपायुक्त ने जिले में संचालित स्टूडेंट हेल्थ स्क्रीनिंग कार्यक्रम की विद्यालयवार प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अब तक हुई स्वास्थ्य जांच, शेष विद्यालयों एवं बच्चों की संख्या तथा स्वास्थ्य जांच के लिए आयोजित किए जा रहे कैंप और माइक्रो प्लान की जानकारी ली।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले का कोई भी विद्यालय और कोई भी बच्चा स्वास्थ्य जांच से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित माइक्रो प्लान के अनुसार सभी विद्यालयों को शत-प्रतिशत कवर करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है। स्वास्थ्य जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत चिकित्सकों एवं मेडिकल टीमों की जानकारी लेते हुए उपायुक्त ने उनके दायित्वों की भी समीक्षा की और पूरी पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा।

उपायुक्त ने प्रत्येक बच्चे का बेसिक हेल्थ चेकअप और आवश्यक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया। जांच के दौरान किसी बच्चे में बीमारी अथवा स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लक्षण मिलने पर उसकी पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, उपचार और रेफरल की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को नियमित बैठक कर हेल्थ कैंप की प्रगति और शत-प्रतिशत कवरेज की समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालयवार एवं प्रखंडवार प्रगति की लगातार निगरानी करने तथा लक्ष्य में कमी वाले क्षेत्रों में तेजी से कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, सरकारी छात्रावास, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, पीएम श्री विद्यालय समेत अन्य सरकारी एवं आवासीय शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि हेल्थ स्क्रीनिंग का उद्देश्य केवल सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से बच्चों में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान, उचित चिकित्सकीय हस्तक्षेप और फॉलोअप सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारी आपसी समन्वय से काम करें।

बैठक में माइक्रो प्लान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने विद्यालयवार कार्ययोजना को व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी विद्यालयों और बच्चों को कवर करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्य की नियमित समीक्षा कर प्रगति से अवगत कराने को कहा।

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