कबाड़ को दिया नया रूप, आईआईटी-आईएसएम में दिखी रचनात्मकता की अनोखी मिसाल
डीजे न्यूज, धनबाद : कचरे को संसाधन में बदलने और पुनः उपयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में गुरुवार को ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ प्रतियोगिता आयोजित की गई। डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरनमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग के ईआईएसीपी प्रोग्राम सेंटर ने सेंटर फॉर सोसाइटल मिशन (सीएसएम) के सहयोग से ‘स्वच्छता ही सेवा कैंपेन 2026’ के तहत प्रतियोगिता का आयोजन किया। कार्यक्रम मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज, भारत सरकार के सहयोग से हुआ।
‘वेस्ट टू बेस्ट–कचरे से कमाल : कचरा नहीं, रिसोर्स है’ थीम पर आयोजित प्रतियोगिता को तीन श्रेणियों में बांटा गया था। पहली श्रेणी में कक्षा आठवीं से 12वीं तक के स्कूली विद्यार्थियों, दूसरी श्रेणी में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों और रिसर्च स्कॉलर्स तथा तीसरी श्रेणी में वर्किंग प्रोफेशनल्स, होममेकर और अन्य प्रतिभागियों को शामिल किया गया।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने बेकार और इस्तेमाल की जा चुकी विभिन्न सामग्रियों का रचनात्मक उपयोग करते हुए उपयोगी उत्पाद और मॉडल तैयार किए। प्रतिभागियों के आइडिया में रचनात्मकता के साथ पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग का संदेश भी देखने को मिला।
कार्यक्रम का उद्देश्य कचरा उत्पादन को कम करने, पुरानी वस्तुओं के पुनः उपयोग और बेकार सामग्री से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने की सोच को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि उचित सोच और रचनात्मकता के जरिए कचरे को भी उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है।
आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लोगों की सोच में बदलाव लाने में मदद करते हैं और कचरे को केवल फेंकने वाली वस्तु के बजाय संसाधन के रूप में देखने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में दीप्ति लेडीज क्लब की अध्यक्ष शकुंतला मिश्रा समेत संस्थान के फैकल्टी सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और प्रतिभागी मौजूद रहे।