झारखंड में ‘बांग्ला अकादमी’ गठन की मांग तेज
समिति ने सीएम के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद):
झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बाघमारा बीडीओ लक्ष्मण यादव से मिला। नेतृत्व कर रहे सिंटू मुखर्जी ने राज्य में “बांग्ला अकादमी” के गठन से संबंधित सीएम के नाम मांगपत्र बीडीओ को सौंपा।
मांगपत्र में कहा गया है कि झारखंड में बंगाली भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए अलग “झारखंड बांग्ला अकादमी” का गठन अत्यंत आवश्यक है। समिति ने बताया कि झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने भी 9 मार्च को सदन में यह मुद्दा उठाया था।
समिति के अनुसार झारखंड के 24 जिलों में से लगभग 16 जिलों में बड़ी संख्या में बंगाली भाषी लोग निवास करते हैं। इसके बावजूद राज्य गठन के 25 वर्षों बाद भी बंगाली भाषा एवं साहित्य के विकास के लिए कोई विशेष सरकारी पहल नहीं की गई है। कई बांग्ला माध्यम विद्यालयों में बांग्ला भाषा की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बांग्ला भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है तथा वर्ष 2024 में भारत सरकार द्वारा इसे “शास्त्रीय भाषा” का दर्जा प्रदान किया गया है। सिंटू ने बताया कि झारखंड में बांग्ला अकादमी का गठन आवश्यक है। समिति ने मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द “झारखंड बांग्ला अकादमी” के गठन की मांग की है ताकि भाषा, संस्कृति और साहित्य को संरक्षण मिल सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।